
खरगोन के दो भाइयों ने देशभक्ति और जुनून की मिसाल पेश करते हुए स्केटिंग के जरिए करीब 10,500 किलोमीटर की यात्रा पूरी की है। कंधे पर बैग, हाथ में तिरंगा और पैरों में स्केटिंग शूज लेकर दोनों भाई अलग-अलग रास्तों से सफर करते हुए अब उज्जैन पहुंचने की तैयारी में हैं। उनकी इस अनोखी यात्रा का मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचना और लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता व देशभक्ति का संदेश देना बताया गया है।
कंधे पर बैग और हाथ में तिरंगा लेकर निकले
दोनों भाइयों की यात्रा सामान्य पर्यटक यात्रा से बिल्कुल अलग है। सफर के दौरान वे अपने जरूरी सामान का बैग कंधे पर रखते हैं और स्केटिंग शूज के सहारे लंबी दूरी तय करते हैं। उनके साथ तिरंगा भी रहता है, जो इस यात्रा की पहचान बन गया है।
हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान उन्हें अलग-अलग इलाकों से गुजरना पड़ा। कभी शहरों की सड़कों पर तो कभी लंबे राजमार्गों पर स्केटिंग करते हुए उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखी। इस तरह की लंबी दूरी तय करने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ लगातार अभ्यास और धैर्य की भी जरूरत होती है।
10,500 किलोमीटर का सफर बना खास उपलब्धि
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों भाइयों ने अब तक करीब 10,500 किलोमीटर की दूरी स्केटिंग के जरिए पूरी कर ली है। इतनी लंबी दूरी पैदल या किसी वाहन के बजाय स्केटिंग से तय करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण है।
इस दौरान यात्रा के कई अनुभव भी उनके साथ जुड़े। अलग-अलग शहरों और गांवों में लोगों से मुलाकात हुई और कई जगह उनके तिरंगे के साथ पहुंचने को लेकर लोगों ने उत्साह दिखाया। यात्रा के जरिए दोनों भाई अपनी मेहनत और आत्मविश्वास का संदेश भी दे रहे हैं।
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अब उज्जैन पहुंचने की तैयारी
लंबी यात्रा पूरी करने के बाद दोनों भाइयों की अगली मंजिल उज्जैन बताई जा रही है। महाकाल की नगरी पहुंचने की उनकी योजना है। उज्जैन पहुंचने के बाद यात्रा से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र है। ऐसे में स्केटिंग करते हुए तिरंगा लेकर वहां पहुंचना दोनों भाइयों की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
युवाओं के लिए दे रहे अलग संदेश
दोनों भाइयों की यात्रा सिर्फ दूरी तय करने तक सीमित नहीं है। लगातार स्केटिंग करते हुए हजारों किलोमीटर का सफर पूरा करना युवाओं के लिए मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश भी देता है।
इस यात्रा की खास बात यह है कि इसमें आधुनिक साधनों के बजाय अपने शारीरिक प्रयास को प्राथमिकता दी गई है। कंधे पर सीमित सामान और हाथ में तिरंगा लेकर आगे बढ़ते दोनों भाई लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
खरगोन के दोनों भाइयों की 10,500 किलोमीटर की स्केटिंग यात्रा अपने आप में अनोखी है। तिरंगे के साथ हजारों किलोमीटर का सफर पूरा करने के बाद अब उनकी नजर उज्जैन पर है। उनकी यात्रा देशभक्ति, साहस और लगातार आगे बढ़ते रहने का संदेश देती है।
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