
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: बुरहानपुर पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपते हुए जनसेवा का एक और उदाहरण पेश किया है। पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये मूल्य के 100 मोबाइल फोन ट्रेस कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके धारकों को वापस लौटाए।
मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन में साइबर सेल और जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की टीमों ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल तथा तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए। सत्यापन और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
तकनीकी दक्षता के चलते यह संभव
अपने मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने बुरहानपुर पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिल जाएगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता के चलते यह संभव हो सका।
सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे और नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल की मौजूदगी में “सेफ क्लिक-2.0” अभियान के तहत साइबर सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया।
गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें और सीईआईआर पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराएं, ताकि उसका दुरुपयोग रोका जा सके। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, OTP, UPI PIN, CVV और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई।
साइबर हेल्प डेस्क की महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इस अभियान में साइबर सेल और सभी थाना क्षेत्रों की साइबर हेल्प डेस्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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