
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना से उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के लिए 93 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और बुनियादी ढांचे के विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।
किसानों को मिलेगा मुआवजा और बढ़ेगी जमीन की कीमत
हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन के बदले किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, परियोजना के आसपास बची हुई जमीनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश को होगा फायदा
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से बुंदेलखंड क्षेत्र और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे माल परिवहन तेज होगा, यात्रा का समय घटेगा और उद्योगों व निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कृषि, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। हाईवे तैयार होने के बाद क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।
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