
बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में रेलवे लाइन विस्तार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। संजय नगर वार्ड क्रमांक 9 में रहने वाले 250 से अधिक परिवारों को रेलवे विभाग ने 30 दिनों के भीतर मकान खाली करने का नोटिस जारी किया है। इस आदेश के बाद पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल है, जहां लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
60 साल पुरानी बस्ती पर संकट
संजय नगर में रहने वाले परिवार पिछले लगभग 60 वर्षों से इस क्षेत्र में बसे हुए हैं। यह जमीन पहले नेपा लिमिटेड द्वारा लोगों को बसने के लिए दी गई थी, जिसके बाद धीरे-धीरे लोगों ने अपने घर बनाए और जीवन बसाया। अब अचानक आए नोटिस ने इन परिवारों के जीवन को अस्थिर कर दिया है। कई लोगों ने पक्के मकान बनाए हैं, जबकि कुछ अब भी कच्चे घरों में रह रहे हैं। रहवासी गीता बाई तायडे ने साफ कहा कि बिना पुनर्वास के वे अपने घर नहीं छोड़ेंगे। वहीं हिना बी ने मांग की कि उन्हें मकान के बदले मकान दिया जाए।
रहवासियों की मांगें और विरोध
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें स्पष्ट रखी हैं। उनका कहना है कि वे विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन बिना उचित व्यवस्था के बेघर होना संभव नहीं है। मुख्य मांगों में बराबर जमीन का आवंटन, बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा, नया घर बनाने के लिए समय और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था शामिल है।
कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी और ग्रामीण अध्यक्ष रवेंद्र महाजन सहित अन्य लोगों ने भी प्रशासन से संवेदनशील निर्णय लेने की मांग की है।
हर वर्ग एकजुट, बढ़ सकता है आंदोलन
इस मुद्दे पर समाज के सभी वर्ग एकजुट नजर आ रहे हैं। मजदूर, गरीब, हरिजन, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग मिलकर न्याय की मांग कर रहे हैं। यदि प्रशासन जल्द कोई समाधान नहीं निकालता, तो यह मामला बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
बुरहानपुर में रेलवे विस्तार के नाम पर सामने आई यह स्थिति विकास और मानवीय पहलुओं के बीच संतुलन का बड़ा सवाल खड़ा करती है।
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