
दिगौड़ा/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: मध्यप्रदेश में हाल ही में की गई बस यात्री किराए में बढ़ोतरी के विरोध में दिगौड़ा के वरिष्ठ समाजसेवी रमाशंकर पस्तोर ने सोमवार को कलेक्टर को जनहित आवेदन सौंपा। आवेदन मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया गया है। समाजसेवी ने बढ़े हुए बस किराए को वापस लेने और आम जनता को आर्थिक राहत देने की मांग की है। साथ ही 15 दिन में किराया वृद्धि वापस नहीं होने पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी है।
करीब 75 प्रतिशत किराया बढ़ाने का दावा
समाजसेवी रमाशंकर पस्तोर ने आवेदन में कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा हाल ही में बस यात्री किराए में लगभग 75 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इतनी अधिक वृद्धि का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी, मजदूर, किसान, बुजुर्ग और निम्न आय वर्ग के लोग बस परिवहन पर काफी हद तक निर्भर हैं।
विद्यार्थी, मजदूर और किसान होंगे प्रभावित
पस्तोर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी रोजाना स्कूल और कॉलेज आने-जाने के लिए बसों का इस्तेमाल करते हैं। वहीं मजदूर रोजगार के लिए, किसान कृषि कार्यों के लिए और मरीज व उनके परिजन उपचार के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं।
ऐसे में किराए में बड़ी वृद्धि होने से इन वर्गों के मासिक परिवहन खर्च में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। उन्होंने शासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए बढ़ा हुआ किराया वापस लेने की मांग की है।
15 दिन में फैसला नहीं तो शांतिपूर्ण आंदोलन
समाजसेवी रमाशंकर पस्तोर ने चेतावनी दी कि यदि आवेदन की तारीख से 15 दिनों के भीतर बस किराए में की गई वृद्धि वापस नहीं ली जाती है, तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन की सूचना शासन और प्रशासन को नियमानुसार पहले ही दी जाएगी।
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