
सार
अमित अवस्थी|छतरपुर। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और शिकायतों को समय-सीमा में अटेंड नहीं करने पर कलेक्टर मृणाल मीना ने सख्ती दिखाई है। टीएल बैठक में समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 24 शिकायतें नॉन-अटेंडेड पाई गईं। मामले में 16 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विस्तार
छतरपुर। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर मृणाल मीना ने सख्त रुख अपनाया है। टीएल बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा की गई, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 24 शिकायतें नॉन-अटेंडेड पाई गईं।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा में अटेंड नहीं किया गया था। शिकायतों के लंबित रहने और समय पर कार्रवाई नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिन 16 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी छतरपुर व्योम जॉर्ज, संस्थागत वित्त रीजनल मैनेजर प्रताप सिंह धाकड़, वैभव रावल, बीआरसीसी बकस्वाहा चन्द्रविजय देव सिंह बुंदेला, बीआरसीसी राजनगर अतुल कुमार चतुर्वेदी, प्रशिक्षण अधिकारी/प्रभारी प्राचार्य डी.पी. लखेरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गौरिहार मनरेगा भारती ठाकुर, परिक्षेत्र अधिकारी वन विभाग अम्बुज नयन पाण्डेय, बीएमओ बारीगढ़ एस.के. प्रजापति और सीएमओ सटई माधुरी शर्मा शामिल हैं।
इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी नौगांव महेंद्र प्रताप अहिरवार, डेयरी प्रबंधक एमआईएस योगेश मुकाती, संस्थागत वित्त रीजनल मैनेजर अनिरुद्ध बहेटी, रीजनल मैनेजर इंडिया ओवरसीज बैंक श्रीधरन बी, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. ब्रजेश कोरकू तथा रीजनल मैनेजर कोटक महिंद्रा बैंक ललित शर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतें आम नागरिकों की समस्याओं से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनका समय पर अटेंड किया जाना और नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करना आवश्यक है। शिकायतों को लंबित रखने या निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं करने को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा।
टीएल बैठक में शिकायतों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की नियमित समीक्षा जारी रखने की बात कही गई है।
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