
छतरपुर: कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर कर गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया, डीपीएम एनएचएम राजेंद्र खरे सहित बीएमओ, बीपीएम और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश
मातृत्व स्वास्थ्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पिछले वर्ष की तुलना में अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की कम एंट्री होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की प्रथम तिमाही में जांच के साथ चार एवं चार से अधिक एएनसी जांच सुनिश्चित करने और इसकी शत-प्रतिशत एंट्री अनमोल पोर्टल पर करने के निर्देश दिए। बीएमओ और बीपीएम को एएनसी जांच तथा पंजीयन की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया। कलेक्टर ने सीएमएचओ को एएनएमवार समीक्षा कर स्वास्थ्य सेवाओं में सामने आ रहे गैप को दूर करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
एनआरसी में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी पर जोर
शिशु स्वास्थ्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने को कहा। महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने और उनका समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दस्तक अभियान की समीक्षा के दौरान डिजिटाइजेशन से वंचित बच्चों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कराने तथा एसएएम बच्चों की पहचान और उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया। गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
एनीमिया के मामलों की पहचान और उपचार पर फोकस
कलेक्टर ने मॉडरेट और सीवियर एनीमिया के मामलों की समीक्षा की। गौरिहार क्षेत्र में एनीमिया मैनेजमेंट में आ रही समस्याओं की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयरन, सुक्रोज और एफसीएम दिए जाने की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने को कहा। साथ ही गंभीर एनीमिया के मामलों की पहचान कर उनका प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पोर्टल पर एएनएम द्वारा गलत एंट्री पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
सार्थक ऐप से दर्ज होगी वास्तविक उपस्थिति
कलेक्टर ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपस्थिति में पारदर्शिता के लिए सार्थक ऐप की समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की चेक-इन, चेक-आउट तथा लोकेशन के आधार पर वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने और उसी के अनुरूप वेतन आहरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर खराब पाए जाने पर संबंधित एएनएम और सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर आशा, एएनएम और सीएचओ का इंसेंटिव रोकने के निर्देश
सभी बीएमओ को महीने में दो बार एएनएम और सीएचओ की बैठक आयोजित कर मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आशा, एएनएम और सीएचओ द्वारा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर उनका इंसेंटिव रोका जाएगा।
108 एम्बुलेंस की उपलब्धता और टीकाकरण पर जोर
कलेक्टर ने 108 एम्बुलेंस सेवा की समीक्षा करते हुए ऑफ-रोड वाहनों के संबंध में आवश्यक पत्राचार करने और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में यू-विन पोर्टल पर शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन डेटा दर्ज कराने को कहा गया। छूटे हुए हितग्राहियों को चिन्हित कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करने और अभियान की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
एनसीडी स्क्रीनिंग और टीबी उपचार की समीक्षा
कलेक्टर ने जिले में शत-प्रतिशत एनसीडी स्क्रीनिंग कराने तथा डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीजों के कंट्रोल रेट में सुधार लाने के निर्देश दिए। टीबी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए चिन्हित मरीजों का नियमित उपचार सुनिश्चित करने तथा पात्र मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर गैप नहीं रहना चाहिए। योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
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