
छतरपुर/ अमित अवस्थी: बसों के बढ़े हुए किराये को वापस लेने की मांग को लेकर गुरुवार को बुंदेलखंड छात्र संगठन के छात्र-छात्राओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने चौबे तिराहे पर हाईवे जाम कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाइश देकर जाम खुलवाया।
चौबे तिराहे पर लगाया जाम
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना था कि बस किराये में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों से छतरपुर शहर में पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। रोजाना बस से स्कूल और कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों के लिए बढ़ा हुआ किराया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है।
छात्रों ने चौबे तिराहे पर एकत्र होकर बस किराया बढ़ाने के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। देखते ही देखते प्रदर्शन के कारण हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों से बातचीत की और यातायात व्यवस्था सामान्य कराने के लिए जाम खुलवाया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपना चाहते थे ज्ञापन
हाईवे से हटने के बाद छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों की कोशिश थी कि वे कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बढ़ा हुआ बस किराया वापस लेने की मांग रखें।
हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया और छात्र-छात्राओं को परिसर के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र गेट के बाहर ही बैठ गए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताने लगे।
गेट पर हुआ हंगामा, बाहर ही दिया आवेदन
कलेक्ट्रेट में प्रवेश नहीं मिलने से छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर ही हंगामा करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। काफी देर तक छात्र-छात्राएं गेट के बाहर बैठे रहे और बढ़ा हुआ बस किराया वापस लेने की मांग करते रहे।
बाद में छात्रों ने कलेक्ट्रेट के बाहर ही अपना आवेदन सौंप दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर बढ़े हुए किराये को वापस कराने की मांग की।
ग्रामीण छात्रों पर पड़ रहा सीधा असर
छात्र-छात्राओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से छतरपुर पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को रोजाना बसों से सफर करना पड़ता है। किराया बढ़ने के कारण उनकी दैनिक यात्रा का खर्च बढ़ गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा है।
छात्र संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए बसों का बढ़ा हुआ किराया वापस लिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
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