
कोलारस।रानू परिहार| कोलारस शहरी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान 91 सर्वे नंबरों पर अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनसे जुड़े करीब 136 लोगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद जमीन और प्लॉट कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल है।
जांच में 91 सर्वे नंबरों पर मिली प्लॉटिंग
जानकारी के अनुसार कोलारस में लंबे समय से कृषि भूमि पर बिना जरूरी अनुमति प्लॉटिंग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।
राजस्व अमले ने शहरी क्षेत्र के सर्वे नंबरों का भौतिक सत्यापन किया और रिकॉर्ड से उनका मिलान किया। जांच में 91 सर्वे नंबरों पर कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई। प्रशासन के अनुसार इन मामलों में आवश्यक अनुमतियों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
तहसीलदार प्रदीप भार्गव के मुताबिक 91 सर्वे नंबरों को चिन्हित कर जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है। नोटिस कलेक्ट्रेट स्तर से जारी किए जा रहे हैं।
बिना अनुमति प्लॉटिंग पर उठे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लंबे समय से कृषि भूमि पर प्लॉटिंग हो रही थी, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई जगह सड़क, बिजली पोल और अन्य निर्माण कार्य भी किए गए। ऐसे में प्रशासन की निगरानी और समय पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि अवैध कॉलोनियों के पीछे किसकी भूमिका रही और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच का विषय है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
प्लॉट खरीदने वालों की भी बढ़ी चिंता
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की खबर के बाद प्लॉट खरीदने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में सड़क, नाली, पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
कुछ खरीदारों ने प्लॉट की स्थिति और सीमांकन को लेकर भी परेशानी की बात कही है। ऐसे मामलों में खरीदारों के दस्तावेज और जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी।
प्रशासन से उम्मीद है कि कार्रवाई के दौरान आम खरीदारों के हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा और वैध दस्तावेज वाले लोगों की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
136 लोगों को नोटिस के बाद होगी अगली कार्रवाई
प्रशासन ने करीब 136 संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित लोगों को अपने दस्तावेज और अनुमतियां प्रस्तुत करनी होंगी।
जांच में यदि आवश्यक अनुमति नहीं मिलती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, एफआईआर या अवैध निर्माण हटाने जैसी कार्रवाई परिस्थितियों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
वहीं, स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि यदि जांच में अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनकी जवाबदेही भी तय की जाए।
राजनीतिक कनेक्शन के दावों की भी जांच जरूरी
मामले में कुछ लोगों के राजनीतिक संपर्क होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी किसी राजनीतिक व्यक्ति या संगठन से जुड़े व्यक्ति का नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इसलिए ऐसे दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई का अगला चरण नोटिस के जवाब और दस्तावेजों की जांच पर निर्भर करेगा।
कोलारस में 91 सर्वे नंबरों पर अवैध कॉलोनियों की पहचान और 136 लोगों को नोटिस की कार्रवाई ने राजस्व व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब सबसे अहम बात यह होगी कि जांच के बाद अवैध कॉलोनियों पर क्या कार्रवाई होती है और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही कैसे तय की जाती है।
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