
दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को रविवार को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए कई तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों और भारी मात्रा में प्रतिबंधित युद्ध सामग्रियों का एक बड़ा जखीरा बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से सुरक्षा बलों पर हमले की एक बड़ी माओवादी साजिश विफल हो गई है।
सटीक इनपुट पर सुबह 6 बजे शुरू हुआ जॉइंट ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, तोडमा गांव के घने जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी और विस्फोटक छिपाए जाने की सटीक खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस इनपुट) मिली थी। इस इनपुट के आधार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक बटालियन और दंतेवाड़ा जिला पुलिस बल ने बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह अभियान रविवार सुबह 6:00 बजे बेहद गोपनीय तरीके से शुरू किया गया, जिसका जमीनी नेतृत्व सेकंड-इन-कमांड अधिकारी विक्रांत वर्मा और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव ने किया। इस टीम में स्थानीय नागरिक पुलिस बल के जवान भी शामिल थे।
जंगल में बिछा था मौत का जाल: 2 प्रेशर कुकर IED और पाइप बम बरामद
घने जंगलों में सघन तलाशी लेते हुए आगे बढ़ रहे सुरक्षा बलों को सुबह लगभग 8:40 बजे कुछ संदिग्ध वस्तुएं और मिट्टी खोदे जाने के निशान दिखाई दिए। खतरे को भांपते हुए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे इलाके की तुरंत घेराबंदी की गई और मौके पर ‘बम निरोधक दस्ते’ को बुलाया गया। गहन जांच के बाद विशेषज्ञों ने पाया कि वहां नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को उड़ाने के लिए पांच-पांच लीटर क्षमता वाले दो प्रेशर कुकर आईईडी और एक अत्यंत खतरनाक 10 किलोग्राम वजनी पाइप बम प्लांट कर रखा था। बम निरोधक दस्ते ने विशेष तकनीकी प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए तीनों जीवित बमों को बिना किसी नुकसान के मौके पर ही सफलतापूर्वक निष्क्रिय (डिफ्यूज) कर दिया।
हथियारों और नक्सली साहित्य का जखीरा जब्त
आईईडी को निष्क्रिय करने के बाद जब सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाके में सर्चिंग तेज की, तो माओवादियों द्वारा डंप करके रखा गया सैन्य और दैनिक सामग्रियों का एक बड़ा भंडार हाथ लगा। जब्त की गई सामग्रियों की सूची इस प्रकार है:
- हथियार और गोला-बारूद: एक .303 राइफल, एक एयर राइफल, मैगज़ीन, चार्जर क्लिप, खाली कारतूस के खोल, 12 बोर का गोला-बारूद, बीजीएल (BGL) और दो खाली शेल के साथ एक 51 मिमी का बम।2.
- विस्फोटक सामग्री: कॉर्डेक्स वायर, बारूद, बिजली की घंटियाँ, शॉक-वेव डेटोनेटर, 128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और 48 नॉन-इलेक्ट्रिक विस्फोटक।3.
- इलेक्ट्रॉनिक और कम्यूनिकेशन उपकरण: बैटरी सहित वायरलेस सेट, दूरबीन, एक मल्टीमीटर, कैमरा फ्लैश, इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट, 35 बारह-वोल्ट की बैटरियां, इलेक्ट्रिक स्विच और टेलीफोन तार।4.
- लॉजिस्टिक्स और वर्दी: नक्सली वर्दी (कॉम्बैट ड्रेस), गोला-बारूद पाउच, लड़ाकू बेल्ट और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री।5.
- वैचारिक सामग्री: मौके से भारी मात्रा में नक्सली साहित्य और पर्चे भी बरामद किए गए हैं, जिससे उनकी आगामी रणनीतियों और वैचारिक तंत्र की पड़ताल की जा रही है।
बस्तर में नक्सली ढांचे पर करारी चोट
इस कड़े मुकाबले और तलाशी अभियान के बाद सभी जवान सुरक्षित कैंप लौट आए हैं। पुलिस ने बरामद सामग्रियों को जब्त कर आगे की कानूनी औपचारिकताएं और दस्तावेजीकरण शुरू कर दिया है। दंतेवाड़ा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस इतनी बड़ी जब्ती से साफ होता है कि विद्रोही इस इलाके में किसी बड़े हमले की तैयारी में जुटे थे। आईईडी को समय रहते डिफ्यूज करना और उनके सप्लाई डंप को नष्ट करना बस्तर डिवीजन में नक्सली ढांचेको तोड़ने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को और गति मिलेगी।
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