
छिंदवाड़ा/ भरत चांडक: छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड अंतर्गत खमारपानी बफर जोन में बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुर्रेवानी निवासी फागलाल धुर्वे के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष लगातार हो रहे बाघ के हमलों के बावजूद प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी
जानकारी के अनुसार, फागलाल धुर्वे अपने मवेशियों को चराने जंगल गए थे, लेकिन शाम तक घर वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में जंगल में बाघ के पगमार्क मिले। पगमार्क के आधार पर आगे बढ़ने पर कुछ दूरी पर फागलाल का शव मिला।
सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी
बताया गया कि बाघ शव के बड़े हिस्से को नोच चुका था। हालांकि चेहरा सुरक्षित होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी पहचान कर ली। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई।
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आर्थिक सहायता प्रदान
वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र बिसेन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। नियमानुसार जांच पूरी होने के बाद मृतक के परिजनों को शासन की वन्यजीव अनुग्रह सहायता योजना के तहत 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रभावी कदम उठाने की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक खमारपानी बफर जोन में बाघ के हमले की यह सातवीं घटना है। लगातार बढ़ रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और नाराजगी है। लोगों ने वन विभाग से बाघ की निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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