धान की फसल बचाने D-15 नहर में पानी छोड़ने की मांग, किसान मोर्चा ने SDM को सौंपा ज्ञापन

भरत रावत | डबरा, 6 अक्टूबर 2026। डबरा क्षेत्र में सिंचाई के पानी की कमी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसल सूखने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ग्वालियर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष अमरदीप सिंह औलख ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डबरा को ज्ञापन सौंपा। इसमें बैरू हेड से निकलने वाली D-15 नहर में तत्काल पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की गई है।

पानी नहीं मिला तो धान की फसल पर पड़ेगा असर

किसान मोर्चा का कहना है कि इस समय धान की फसल के लिए सिंचाई का पानी बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने पर खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि किसानों की स्थिति को देखते हुए D-15 नहर में जल्द पानी छोड़ा जाए, ताकि नहर से जुड़े गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सके। किसान मोर्चा ने इसे किसानों के व्यापक हित से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।

डबरा क्षेत्र में नहर के पानी को लेकर किसानों की परेशानी पहले भी सामने आ चुकी है। हालिया रिपोर्ट में डबरा क्षेत्र के करीब 10 गांवों में D-4 माइनर में पानी नहीं पहुंचने से धान की फसल पर संकट की बात सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार माइनर में सिल्ट जमा होने के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित हुआ था।

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इन गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

किसान मोर्चा के अनुसार D-15 नहर में पर्याप्त पानी छोड़े जाने से आसपास के कई गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिल सकता है। इनमें खेरी-पाराशर, चौमूं, सुनवई, अकबई, ठेठइयापुरा, राजियर, खड़वई, महाराजपुर, चितावनी और सलवाई सहित अन्य गांव शामिल हैं।

किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिला तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे में नहर में पानी छोड़ने का फैसला जल्द लिया जाना जरूरी है।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

किसान मोर्चा ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए D-15 नहर में जल्द पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो किसानों को दोबारा प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखनी पड़ेगी।

फिलहाल किसानों की मांग पर प्रशासन की ओर से पानी छोड़ने को लेकर कोई अंतिम निर्णय या समयसीमा सामने नहीं आई है। अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है।

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Srota Swati Tripathy

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