
डबरा/ भरत रावत: डबरा नगर पालिका क्षेत्र में सीवर लाइन निर्माण और खुदाई के काम को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद ग्वालियर से कार्यपालन यंत्री ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। सड़क धंसने, सही भराव नहीं होने, मिट्टी के ढेर और नालियों के चोक होने जैसी शिकायतों पर पार्षद हैप्पी सरदार ने अधिकारियों और ठेकेदारों को 7 दिन में सुधार का अल्टीमेटम दिया। EE ने भरोसा दिलाया कि खराब काम को दुरुस्त कराया जाएगा और गुणवत्ता पूरी होने तक संबंधित कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा।
सीवर खुदाई को लेकर मौके पर पहुंची टीम
डबरा नगर पालिका क्षेत्र में सीवर लाइन निर्माण के लिए की जा रही खुदाई अब सवालों के घेरे में है। स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ग्वालियर से कार्यपालन यंत्री मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने सीवर कार्य की गुणवत्ता और खुदाई के बाद सड़कों की स्थिति को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी आपत्तियां रखीं।
क्षेत्र में सड़क धंसने, खुदाई के बाद ट्रेंच का सही तरीके से भराव नहीं होने, जगह-जगह मिट्टी के ढेर पड़े रहने और नालियों के चोक होने जैसी समस्याएं सामने आने की बात कही गई।
पार्षद ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
मौके पर मौजूद पार्षद हैप्पी सरदार ने अधिकारियों और ठेकेदारों को काम में सुधार के लिए 7 दिन का समय दिया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर से आए EE और भदौरिया द्वारा दिए गए आश्वासन तय समय में जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में काम में सुधार नहीं हुआ तो ठेकेदारों की मशीनें और जेसीबी मौके पर जब्त कराने की कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ धरने पर बैठने की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि डबरा की जनता पहले जल आवर्धन योजना की खामियों का खामियाजा भुगत चुकी है। ऐसे में सीवर निर्माण में भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्रेंच में होगा परत-दर-परत कम्पेक्शन
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री ने सीवर लाइन की खुदाई के बाद किए जाने वाले काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि ट्रेंच में मिट्टी का परत-दर-परत कम्पेक्शन किया जाएगा और वाइब्रेटरी रोलर चलाकर भराव को व्यवस्थित किया जाएगा।
खुदाई के दौरान निकलने वाले अतिरिक्त मलबे को भी सड़क किनारे छोड़ने के बजाय निर्धारित डिस्पोजल साइट पर हटाने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं।
पाइपलाइन में कमी मिली तो कराया जाएगा सुधार
EE के मुताबिक सीवर लाइन की गहराई न्यूनतम 1.1 मीटर से शुरू होगी। ग्रेविटी फ्लो को ध्यान में रखते हुए आगे पाइपलाइन का स्लोप निर्धारित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जहां पाइपलाइन टेढ़ी होने या कार्य में कमी पाए जाने की बात सामने आई है, वहां उसे दुरुस्त कराया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित हिस्से का काम निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार पूरा होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
जैसी थी सड़क, उसी तरह होगा रेस्टोरेशन
सीवर खुदाई के बाद सड़कों की स्थिति को लेकर भी स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की चिंता सामने आई। इस पर EE ने कहा कि सीवर लाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क का रेस्टोरेशन कराया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार जिस प्रकार की सड़क खुदाई से पहले थी, उसी अनुरूप उसे दोबारा दुरुस्त किया जाएगा। इससे खुदाई के बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
अब सात दिन में दिखेगा कितना सुधार
सीवर लाइन निर्माण को लेकर शिकायतों के बीच अब अधिकारियों और ठेकेदारों के सामने सात दिन में काम सुधारने की चुनौती है। पार्षद की चेतावनी और EE के गुणवत्ता संबंधी निर्देशों के बाद देखना होगा कि तय समय में सड़क, ट्रेंच, पाइपलाइन और मलबे से जुड़ी समस्याओं पर कितना काम होता है।
- dabra-sewer-line-excavation-quality-issue-councillor-seven-day-ultimatum








