
दमोह: नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मंगलवार को पदभार संभालने के बाद पहली बार कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें सबसे अधिक मामले नगरी निकाय से जुड़े हुए थे। कलेक्टर ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों में कैंप लगाकर छोटी-छोटी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान करें, ताकि लोगों को जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि अब हर जनसुनवाई में सभी विभागों के जिला प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता।
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सभी एसडीएम को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने अनुविभागों में कैंप आयोजित कर स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण करें, जिससे आमजन का समय और खर्च दोनों बच सके। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदकों के सामने ही बुलाकर मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए।
इसी दौरान पुराना बाजार निवासी कल्लू कोरी व्हीलचेयर पर जनसुनवाई में पहुंचे और अपनी गंभीर बीमारी की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने तत्परता दिखाते हुए अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित कर एंबुलेंस बुलवाई और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाला हर व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर आता है और छोटा सा समाधान भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायत, तहसील और अनुविभाग स्तर की समस्याएं वहीं सुलझाई जानी चाहिए और अनावश्यक रूप से लोगों को जिला मुख्यालय नहीं आना चाहिए।
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