
दमोह: जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र अंतर्गत दमोह बाईपास के पास माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से हुई लूट की वारदात का पुलिस ने मंगलवार शाम खुलासा कर दिया। मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लूट की शिकायत दर्ज कराने वाला फरियादी ही पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने फरियादी सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम, वारदात में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने पत्रकारवार्ता में बताया कि 8 अगस्त को दमोह देहात थाना क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी में माइक्रोफाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटे जाने की सूचना मिली थी। फरियादी घनश्याम अहिरवार उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर और हाल निवासी दमोह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात बाइक सवार बदमाश उसकी साथी जूही चंदेल के हाथ से कलेक्शन राशि से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में करीब 1 लाख 23 हजार 800 रुपये होने की जानकारी दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान फरियादी घनश्याम अहिरवार की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। पूछताछ में घनश्याम ने अपने साथी संजय सौर उम्र 22 वर्ष और सोहित उर्फ वीरेंद्र रजक उम्र 18 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर के साथ मिलकर लूट की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 1 लाख 17 हजार 335 रुपये से भरा बैग लूटा था। वारदात के बाद आरोपियों ने करीब 12 हजार 335 रुपये खर्च कर दिए और शेष 1 लाख 5 हजार रुपये आपस में बांट लिए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 1 लाख 5 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल बाइक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 83 हजार रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने घनश्याम अहिरवार, संजय सौर और सोहित उर्फ वीरेंद्र रजक को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में सीएसपी एचआर पांडे, देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल सहित साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई कार्रवाई से लूट की वारदात का खुलासा हो सका।
ये भी पढ़े – दमोह में 21 वर्षीय युवक का संदिग्ध हालत में मिला शव, हत्या का आरोप; जांच में जुटी पुलिस
- damoh-microfinance-loot-case-farmer-complainant-mastermind-two-associates-arrested










