
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के तहत दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2047 तक करीब 695 किलोमीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ बस, क्षेत्रीय तेज रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों को भी एकीकृत करने की योजना है।
2047 तक 3.20 करोड़ आबादी का अनुमान
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में राजधानी की भविष्य की आबादी करीब 3.20 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। आबादी बढ़ने के साथ आवास, सड़क, परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए योजना में करीब 40 लाख नए आवास विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
सरकार का जोर केवल नए निर्माण पर नहीं, बल्कि मौजूदा इलाकों के पुनर्विकास और बेहतर संपर्क व्यवस्था पर भी है। योजना में परिवहन और आवास को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित करने की नीति अपनाई गई है।
मेट्रो नेटवर्क 695 किलोमीटर तक पहुंचाने की योजना
मास्टर प्लान के तहत दिल्ली के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क का विस्तार कर इसे 2047 तक करीब 695 किलोमीटर करने का लक्ष्य है। इसके साथ क्षेत्रीय तेज रेल नेटवर्क और बस सेवाओं का भी विस्तार प्रस्तावित है।
योजना में मेट्रो, क्षेत्रीय तेज रेल, बस, पैदल और साइकिल मार्गों को आपस में जोड़ने वाले बहु-माध्यम परिवहन केंद्र विकसित करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यात्रियों को एक परिवहन साधन से दूसरे तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है।
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मेट्रो के आसपास विकसित होंगे मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्र
मास्टर प्लान में मेट्रो और अन्य बड़े सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास परिवहन आधारित विकास को बढ़ावा देने का प्रावधान है। इसके तहत आवास, कार्यालय, बाजार और जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं को परिवहन केंद्रों के आसपास विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस व्यवस्था से लोगों के घर और काम की जगहों के बीच दूरी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही पैदल चलने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। योजना में करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को परिवहन आधारित विकास के लिए चिन्हित किए जाने की जानकारी दी गई है।
पार्किंग और सड़क यातायात को लेकर भी नई व्यवस्था
दिल्ली में यातायात की समस्या से निपटने के लिए मास्टर प्लान में पार्किंग व्यवस्था को भी नए तरीके से व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए एकीकृत पार्किंग योजना के तहत पार्किंग के नियोजन, प्रबंधन और नियमन पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर और सुरक्षित मार्ग विकसित करने की योजना है। सरकार का उद्देश्य ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करना है जिसमें मेट्रो, बस, पैदल मार्ग और साइकिल नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़े हों।
यमुना और हरित क्षेत्रों के संरक्षण पर भी जोर
मास्टर प्लान में यातायात और शहरी विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यमुना के बाढ़ क्षेत्र के करीब 1,700 हेक्टेयर हिस्से के पारिस्थितिक संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए 13 प्रमुख परियोजनाओं का प्रस्ताव है। यमुना के किनारे करीब 52 किलोमीटर साइकिल मार्ग विकसित करने की योजना भी शामिल है।
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 का लक्ष्य बढ़ती आबादी के बीच राजधानी की परिवहन व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाना है। 695 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क, क्षेत्रीय रेल, बस और पैदल मार्गों को जोड़ने की योजना से भविष्य में यातायात दबाव कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
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