
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा यानी UPSSSC PET 2026 की शुरुआत 25 अक्टूबर से होने जा रही है। परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को दो पालियों में आयोजित होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास अब तैयारी के अंतिम दौर का समय है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस चरण में नया पढ़ने से ज्यादा जरूरी रिवीजन, प्रश्नों की प्रैक्टिस और परीक्षा रणनीति पर ध्यान देना है।
परीक्षा में जल्दबाजी करना पड़ सकता है भारी
पीईटी में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और परीक्षा के लिए दो घंटे का समय मिलता है। प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक निर्धारित है, जबकि गलत उत्तर पर एक-चौथाई अंक की कटौती होती है। ऐसे में बिना सोचे-समझे सवालों का जवाब देना नुकसान पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि परीक्षा में पहले उन प्रश्नों को हल करें जिनके उत्तर अच्छी तरह आते हैं। किसी कठिन सवाल पर शुरुआत में ज्यादा समय लगाने से बचें। पहले आसान और निश्चित प्रश्न पूरे करने के बाद बाकी सवालों पर लौटना बेहतर रणनीति हो सकती है।
केवल पढ़ना नहीं, सवाल हल करना भी जरूरी
परीक्षा से पहले सिर्फ नोट्स पढ़ते रहना भी एक बड़ी गलती हो सकती है। अंतिम दिनों में अभ्यर्थियों को पिछले प्रश्नपत्रों और मॉक टेस्ट का अभ्यास करना चाहिए। इससे सवालों की प्रकृति समझने के साथ अपनी गति और कमजोर विषयों का पता लगाने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों ने गलत हुए सवालों का दोबारा विश्लेषण करने की सलाह दी है।
विशेष रूप से ग्राफ, तालिका और हिंदी गद्यांश से जुड़े प्रश्नों की नियमित प्रैक्टिस उपयोगी हो सकती है। मौजूदा परीक्षा पैटर्न में इन हिस्सों से कुल 30 प्रश्न निर्धारित हैं।
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नए टॉपिक शुरू करने की गलती से बचें
परीक्षा से कुछ दिन पहले पूरा नया अध्याय शुरू करना समय के लिहाज से सही रणनीति नहीं मानी जा रही है। इस समय पहले से पढ़े हुए विषयों का दोहराव करना ज्यादा उपयोगी रहेगा। इतिहास, भूगोल, संविधान, विज्ञान, गणित और तर्कशक्ति जैसे विषयों में महत्वपूर्ण तथ्यों, सूत्रों और अवधारणाओं को दोहराने पर ध्यान दिया जा सकता है।
करंट अफेयर्स और सामान्य जागरूकता के लिए भी पूरे नए स्रोत से पढ़ने के बजाय अपने बनाए हुए नोट्स और महत्वपूर्ण घटनाओं का रिवीजन करना बेहतर रहेगा।
समय प्रबंधन और नींद को नजरअंदाज न करें
परीक्षा में अच्छी तैयारी के बावजूद समय का सही इस्तेमाल नहीं करने से अंक प्रभावित हो सकते हैं। मॉक टेस्ट देते समय वास्तविक परीक्षा जैसा वातावरण बनाकर अभ्यास करें। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किस हिस्से पर कितना समय देना है।
इसके साथ ही परीक्षा से एक रात पहले देर तक पढ़ने की बजाय पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। थकान और तनाव का असर प्रश्न पढ़ने और सही उत्तर चुनने की क्षमता पर पड़ सकता है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना भी जरूरी है।
इन 5 गलतियों से बचना सबसे जरूरी
UPSSSC PET 2026 में बेहतर प्रदर्शन के लिए अभ्यर्थियों को पांच बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—बिना सोचे अनुमान लगाना, एक सवाल पर जरूरत से ज्यादा समय लगाना, केवल नोट्स पढ़कर मॉक टेस्ट न देना, अंतिम समय में नए विषय शुरू करना और नींद व मानसिक शांति को नजरअंदाज करना।
परीक्षा में नकारात्मक अंकन लागू है, इसलिए हर प्रश्न को ध्यान से पढ़कर ही उत्तर चुनना बेहतर होगा। अंतिम समय में शांत रहकर अपनी तैयारी और रणनीति पर भरोसा करना सबसे महत्वपूर्ण है।
UPSSSC PET 2026 में अच्छे अंक के लिए अंतिम समय में ज्यादा सामग्री पढ़ने के बजाय रिवीजन, अभ्यास, समय प्रबंधन और सही प्रश्न चयन पर ध्यान देना जरूरी है।
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