
मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर मौत के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने मामले के तार कांग्रेस नेताओं से जुड़े होने का आरोप लगाया है। वहीं, पूरे मामले की जांच डीजी उपेंद्र जैन कर रहे हैं।
दिलीप पुरी की मौत के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
खातेगांव TI दिलीप पुरी अवैध शराब तस्करी की सूचना पर पुलिस टीम के साथ कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश के दौरान वाहन उन्हें कुचलता हुआ आगे निकल गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। मामले में अवैध शराब के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेताओं पर लगाए आरोप
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि मामले के तार कांग्रेस नेताओं से जुड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल की भूमिका पर सवाल उठाए। सारंग के मुताबिक, दोनों टिमरनी की एक शराब दुकान में पार्टनर हैं, जिसके संबंध इस मामले से जुड़ने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की है।
सारंग ने इससे पहले देवास के अवैध शराब मामले में कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल की कथित संलिप्तता का भी मुद्दा उठाया था। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
डीजी उपेंद्र जैन कर रहे जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजी उपेंद्र जैन जांच की कमान संभाल रहे हैं। जांच में ट्रक, अवैध शराब की सप्लाई और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक समेत मामले से जुड़े संदिग्धों की तलाश और पूछताछ शुरू की है।
देवास TI दिलीप पुरी की मौत ने मध्यप्रदेश में अवैध शराब तस्करी और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सबकी नजर डीजी उपेंद्र जैन की जांच पर है। जांच के निष्कर्ष से ही मामले में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट होगी।
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