
धार: मध्यप्रदेश के धार जिले में अक्षय तृतीया के अवसर पर एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। सिरसोदिया में हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री मोहन यादवने 200 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस कार्यक्रम में सर्वसमाज की भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह आयोजन सामाजिक एकता और परंपरा का प्रतीक बन गया।
सामूहिक विवाह समारोह में क्या रहा खास?
सिरसोदिया में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में 200 जोड़ों का विवाह एक ही मंच पर संपन्न हुआ। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें सभी समाजों के लोगों ने भाग लिया और इसे एक सामाजिक उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में धरमपुरी के विधायक कालू सिंह ठाकुर ने भी अपने पुत्र और भतीजी का विवाह इसी मंच पर कराकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का क्या है प्रभाव?
इस आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना’ की सफलता पर भी प्रकाश डाला। पिछले लगभग 2.5 वर्षों में इस योजना के तहत 1.57 लाख से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया है। इसके अलावा, सरकार द्वारा ₹867.72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
समाज और परिवारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
सामूहिक विवाह समारोह न केवल आर्थिक रूप से मददगार होते हैं, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में समानता और सहयोग की भावना बढ़ती है। साथ ही, शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर को सरल और सुलभ बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं सामाजिक विकास और आर्थिक संतुलन दोनों के लिए जरूरी हैं।
धार में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग का उदाहरण बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति और बड़ी संख्या में जोड़ों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।
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