
उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन में विकास और सामाजिक पहल का एक साथ बड़ा उदाहरण देखने को मिला। कार्तिक मेला मैदान में ₹57.91 करोड़ के 7 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। साथ ही सामूहिक विवाह सम्मेलन में 112 जोड़ों को सुखद और सफल दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही, जिससे आयोजन और भी खास बन गया।
कौन-कौन से विकास कार्य हुए शुरू?
उज्जैन में शुरू किए गए विकास कार्य सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनमें हरसिद्धि-रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण, महाकाल लोक में पैदल यात्री मार्ग का निर्माण, विक्रम कीर्ति संग्रहालय का आधुनिकीकरण और नीलगंगा सरोवर के पुनर्जीवन जैसे कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर को धार्मिक पर्यटन और आधुनिक सुविधाओं के हिसाब से और बेहतर बनाना है।
सामूहिक विवाह सम्मेलन क्यों रहा खास?
कार्यक्रम के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आया। “मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना” के तहत पिछले दो वर्षों में उज्जैन में 641 जोड़ों का विवाह कराया गया है, जिसके लिए ₹3.52 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में क्या बदलाव दिखेगा?
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। कालिदास उद्यान का उन्नयन, पुरुषोत्तम सागर का पुनर्जीवन और महाकाल क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार शहर की पहचान को और मजबूत करेगा। इन कार्यों के पूरा होने से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
उज्जैन में विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं का यह संगम शहर के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के साथ-साथ सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
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