
टीकमगढ़/दित्यपाल राजपूत की रिपोर्ट: मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में जिला जेल टीकमगढ़ में निरीक्षण के साथ विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती प्रवीणा व्यास ने बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की जानकारी देते हुए प्ली बार्गेनिंग (Plea Bargaining) योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बंदियों से उनकी पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध होने, लंबित मामलों तथा अपील संबंधी जानकारी भी प्राप्त की और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
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इसके बाद प्रधान जिला न्यायाधीश ने जिला जेल की पुरुष एवं महिला बैरकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल में भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, मुलाकात व्यवस्था तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेशी जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
बंदियों से चर्चा के दौरान अधिकांश बंदियों ने जेल में उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें भोजन, चिकित्सा, मुलाकात और अन्य आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से मिल रही हैं तथा किसी प्रकार की विशेष समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सुनीता गोयल, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अनुज कुमार चंसौरिया, जिला जेल के अधिकारी, जेल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया एवं उनके अधिकारों की समुचित जानकारी मिल सके।
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