
उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: खरीफ सीजन के बीच उमरिया जिले में खाद की कमी और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। धान समेत अन्य खरीफ फसलों की रोपाई पूरी होने के बाद अब खेतों में खाद डालने का समय है, लेकिन मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
सुबह से वितरण केंद्रों पर पहुंच रहे किसान
उमरिया जिला मुख्यालय स्थित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन वितरण केंद्र पर खाद लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। केंद्र के बाहर किसानों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई किसान घंटों तक भूखे प्यासे लाइन में खड़े होकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, लंबे समय तक खड़े नहीं रह पाने वाले बुजुर्ग किसान थककर वितरण केंद्र के बाहर जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। किसानों का कहना है कि खाद की जरूरत के समय उन्हें इस तरह घंटों लाइन में खड़े होना पड़ रहा है।
समय पर खाद नहीं मिली तो फसल पर असर की चिंता
किसानों के मुताबिक धान सहित अन्य खरीफ फसलों की रोपाई का काम पूरा हो चुका है। अब फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए खाद की आवश्यकता है। लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें सहकारी समितियों और अशासकीय बिक्री केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि कई बार घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पाती। इससे उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे हैं। किसानों को चिंता है कि यदि फसल में जरूरत के मुताबिक समय पर खाद नहीं डाली गई तो पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ने की आशंका है।
किसानों ने प्रशासन से की व्यवस्था सुधारने की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि वितरण केंद्रों पर मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही वितरण व्यवस्था को बेहतर किया जाए, ताकि किसानों को घंटों कतार में खड़े होकर परेशान न होना पड़े और उन्हें समय पर खाद मिल सके।
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