
रायसेन| जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। रायसेन उपार्जन केंद्र निरीक्षण के तहत प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सेहतगंज स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तुलाई, खरीदी और किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए।
मैदान में पहुंचे मंत्री, व्यवस्थाओं की जांच
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अचानक उपार्जन केंद्र पहुंचे और वहां चल रही व्यवस्थाओं को करीब से देखा। उन्होंने वारदाने का वजन कराया और गेहूं से भरे बोरों की तुलाई भी जांची। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और तुलाई में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी। मौके पर कुछ कर्मचारियों की कार्यशैली में शिथिलता मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि किसानों के हितों से जुड़ी किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं जानीं। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और उन्हें तुलाई में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही। रंगपुर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं को संतोषजनक बताया। इसके बाद मंत्री रतनपुर स्थित वेयरहाउस भी पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर भुगतान और सुचारू तुलाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही खरीदी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध रहें।
रायसेन में खाद्य मंत्री का औचक निरीक्षण यह दर्शाता है कि सरकार किसानों की सुविधाओं को लेकर गंभीर है। प्रशासनिक निगरानी बढ़ने से उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता और व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
ब्यूरो रिपोर्ट: दीपक श्रीवास्तव
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