
दमोह/अकीब खान की रिपोर्ट: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह पर उनकी पुत्रवधू रश्मि सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रश्मि सिंह का आरोप है कि उनके चाचा ससुर चंद्रभान सिंह और केसरी सिंह उन्हें उनकी निजी जमीन पर खेती नहीं करने दे रहे हैं तथा मंदिर ट्रस्ट के गठन को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रशासन की प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है और इसका उनसे कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है।
शनिवार को दमोह के एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में रश्मि सिंह ने बताया कि उनके ससुर चंदन सिंह, जो जिला पंचायत सदस्य एवं हंसराज मझगवा स्थित मंदिर के महत्तमकार थे, का कुछ समय पहले निधन हो गया। इसके बाद से परिवार में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रश्मि सिंह ने कहा कि वह अपने ससुर की बड़ी बहू हैं और परंपरा के अनुसार महत्तमकारी उनके परिवार में ही रहनी चाहिए। उनका आरोप है कि उनके चाचा ससुर चंद्रभान सिंह एवं केसरी सिंह मंदिर का ट्रस्ट बनवाना चाहते हैं, जिसका वह विरोध कर रही हैं। इसी कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी जमीन पर खेती नहीं करने दी जा रही है। यदि वह किसी अन्य व्यक्ति को अपनी जमीन ठेके पर देती हैं, तो उसे कथित रूप से धमकाकर भगा दिया जाता है। उनका कहना है कि उनके पति और ससुर दोनों का निधन हो चुका है तथा वृद्ध सास और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कुम्हारी थाना पुलिस को आवेदन भी दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रश्मि सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उनके चाचा ससुर उन्हें मंदिर ट्रस्ट के गठन के लिए दबाव में ला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के पास लगभग 24 एकड़ भूमि है, जिसे लेकर विवाद चल रहा है। उनके अनुसार, उन्हें अपनी जमीन एक विशेष व्यक्ति को ठेके पर देने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है और उनके द्वारा चुने गए व्यक्ति का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि उनके आवेदन पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए तथा उन्हें उनकी कृषि भूमि पर खेती करने और परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह का पक्ष
इन आरोपों पर पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट का गठन उनके द्वारा नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित मंदिर के प्रबंधक कलेक्टर हैं और शासन के नियमों के अनुसार ऐसे मंदिरों के लिए ट्रस्ट का गठन किया जाता है। उन्होंने कहा कि मंदिर की भूमि किसी एक व्यक्ति के नाम नहीं है, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों का उससे संबंध है। उनके अनुसार, मंदिर का संचालन और प्रबंधन प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होना है। उन्होंने रश्मि सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया।
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