
ग्वालियर। ग्वालियर में अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि बिना अनुमति, एनओसी और ले-आउट स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित कर प्लॉट बेचे जा रहे थे। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की शिकायत के आधार पर की गई है।
पहला मामला: ग्राम जिगसौली में अवैध कॉलोनी
पटवारी राहुल जैन (हल्का ग्राम जिगसौली, तहसील कुलैथ) के आवेदन पर पुलिस ने कॉलोनाइजर नरेश किरार और सुमेर किरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने ग्राम पंचायत जिगसौली की जमीन पर बिना किसी अनुमति के कॉलोनी विकसित कर दी।
- कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया
- नगर एवं ग्राम निवेश से ले-आउट स्वीकृत नहीं कराया
- बिना वैध प्रक्रिया के प्लॉट काटकर बेच दिए गए
बताया जा रहा है कि कई लोगों ने यहां अपने सपनों का घर बनाने के लिए प्लॉट भी खरीद लिए थे।
दूसरा मामला: ग्राम सुसैरा में भी अवैध प्लॉटिंग
दूसरे मामले में पुलिस ने सत्यभान सिंह नरवरिया, अभिलाख सिंह नरवरिया, हरिकृष्णा प्रोपर्टीज प्रा. लि. के डायरेक्टर समेत अन्य आरोपियों पर केस दर्ज किया है। इन पर ग्राम सुसैरा की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने और प्लॉट बेचने का आरोप है। इस मामले में श्याम सुंदर सिंह, तारादेवी और प्राण सिंह को भी आरोपी बताया गया है।
प्रशासन की सख्ती जारी
पुलिस का कहना है कि बिना परमिशन, एनओसी और ले-आउट स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित करना पूरी तरह अवैध है। जिला प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बाइट: जयराज कुबेर, एडिशनल एसपी ग्वालियर
“जिला प्रशासन की शिकायत पर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बिना अनुमति और एनओसी के प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज हो गया है। ऐसे में बिना वैध दस्तावेज जांचे प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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