
रील बनाने और अमर्यादित आचरण से जुड़े आरोपों के बाद हाल ही में एक बड़े जिले के एएसपी को निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। विभागीय सूत्रों के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारी को कई बार व्यवहार में सुधार लाने और सेवा नियमों का पालन करने की सलाह भी दी गई थी। हालांकि इन चेतावनियों का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दिया, जिसके बाद विभाग को सख्त कदम उठाना पड़ा। निलंबन की इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
बताया जा रहा है कि निलंबन के बाद भी अधिकारी के व्यवहार और सार्वजनिक गतिविधियों में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। उल्टा उनकी सोशल मीडिया सक्रियता पहले की तुलना में और अधिक बढ़ गई है। विभिन्न मंचों पर साझा किए जा रहे पोस्ट और संदेशों को लेकर विभागीय गलियारों में तरह-तरह की व्याख्याएं की जा रही हैं। कई लोग इसे एक सामान्य व्यक्तिगत अभिव्यक्ति मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे अप्रत्यक्ष संदेश देने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में साझा की गई कुछ पोस्टों में ऐसे संकेत दिखाई दिए हैं जिन्हें अधिकारी के समर्थक और विरोधी अपने-अपने तरीके से समझ रहे हैं। चर्चा यह भी है कि इन संदेशों के माध्यम से यह जताने की कोशिश की जा रही है कि अधिकारी किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं। हालांकि इस संबंध में अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल निलंबन के बाद भी एएसपी की सक्रियता और उनके सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर पुलिस विभाग के भीतर चर्चा का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में विभागीय जांच और प्रशासनिक निर्णय इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकते हैं। वहीं अधिकारी के हर कदम पर अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
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