
दमोह/ आकिब खान: हटा के गांधी वार्ड में शुक्रवार शाम मकान निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से 32 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि उनका बेटा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के मकान निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहा था। हादसे के बाद उसे हटा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पिता ने मामले में पुलिस से उचित और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
33 केवी लाइन की चपेट में आया मजदूर
मृतक की पहचान शरद पिता किशुन नामदेव, निवासी हजारी वार्ड, हटा के रूप में हुई है। बताया गया कि गांधी वार्ड में मकान निर्माण का काम चल रहा था। निर्माण स्थल के पास से 33 केवी बिजली लाइन गुजर रही है।
शुक्रवार शाम मजदूर शरद रेत लेकर नीचे से ऊपर जा रहा था। इसी दौरान वह अचानक बिजली लाइन की चपेट में आ गया और करंट लगने से बेहोश होकर गिर पड़ा।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद शरद को हटा सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के पिता किशुन मुन्ना नामदेव का आरोप है कि करंट लगने के बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के लोग उनके बेटे को हटा सिविल अस्पताल लेकर आए और उसे वहां छोड़कर चले गए। बाद में परिवार को बेटे की मौत की सूचना दी गई। पिता ने पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का पक्ष नहीं मिल सका
मृतक के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल फोन रिसीव नहीं होने के कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा बिजली लाइन की चपेट में आने से कैसे हुआ और इसमें किसी की लापरवाही थी या नहीं, पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
- hata-labour-dies-due-to-electric-shock-during-house-construction








