
झांसी।राजकुमार शर्मा| बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के मल्टी मीडिया एंड रिसर्च सेंटर स्थित पत्रकारिता भवन में ‘मीडिया साक्षरता एवं फेक न्यूज़ जागरूकता’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ की सहायक आचार्य डॉ. रुचिता सुजाई चौधरी ने विद्यार्थियों को डिजिटल दौर में मीडिया साक्षरता और सूचना की विश्वसनीयता जांचने के तरीकों की जानकारी दी।
फेक न्यूज़ की पहचान और सूचना सत्यापन पर चर्चा
डॉ. रुचिता ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाएं तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं। ऐसे में किसी भी खबर को आगे साझा करने से पहले उसके स्रोत की विश्वसनीयता जांचना जरूरी है। उन्होंने फेक न्यूज़ की पहचान, तथ्य सत्यापन की प्रक्रिया और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे बिना पुष्टि किसी खबर या जानकारी को साझा न करें। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
व्याख्यान में संस्थान के स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने मीडिया साक्षरता और फेक न्यूज़ से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञ ने उनके प्रश्नों के जवाब देकर विषय को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी के अलावा डॉ. राघवेंद्र दीक्षित, उमेश शुक्ल, डॉ. अभिषेक कुमार, देवेंद्र सिंह और वीरेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया में जिम्मेदार सूचना उपभोक्ता और जागरूक नागरिक बनने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
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