
ताशकंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच रविवार को ताशकंद में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करते हुए आपसी रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने पर सहमति जताई।
वार्ता के दौरान व्यापार, सुरक्षा, संस्कृति और ऊर्जा सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में ठोस लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
उच्चस्तरीय बैठक और भारतीय प्रतिनिधिमंडल
ताशकंद में आयोजित इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। इसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार NSA अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के पश्चिम विभाग के सचिव सिबी जॉर्ज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दोनों पक्षों ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नया आयाम देने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर व्यापक चर्चा की।
ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया कि भारत और उज्बेकिस्तान इस वर्ष अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उन्होंने इसे एक सुखद संयोग बताते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर दोनों देश अपने रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जा रहे हैं। इस नई साझेदारी के तहत आने वाले वर्षों के लिए स्पष्ट और ठोस लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे जिन्हें हासिल करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
उज्बेकिस्तान का गर्मजोशी भरा स्वागत और सांस्कृतिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान में मिले अभूतपूर्व स्वागत, आतिथ्य और सम्मान के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का विशेष आभार व्यक्त किया. स्वागत समारोह और रात्रिभोज का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्थानीय बच्चों के गायन और नृत्य को देखकर उन्हें लगा जैसे उनके सामने पूरा हिंदुस्तान खड़ा हो और उन्हें अपने गृह राज्य गुजरात की झलक भी दिखाई दी। पीएम मोदी ने पूरे ताशकंद शहर को भारत के राष्ट्रध्वज तिरंगे के रंगों से सजाए जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शहर की यह भव्य सजावट हर भारतीय के दिल को छूने वाली है और यह दर्शाती है कि उज्बेकिस्तान भारत को अपने दिल के करीब रखता है। प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और उज्बेक जनता को अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
चौथी यात्रा और औपचारिक स्वागत
उज्बेकिस्तान की यह प्रधानमंत्री मोदी की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक गहराई को दर्शाती है। रविवार को ताशकंद में पीएम मोदी का औपचारिक और राजकीय स्वागत किया गया, जहां राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने स्वयं उनकी अगवानी की।
ताशकंद में योग की बढ़ती लोकप्रियता
दौरे के सांस्कृतिक पहलू के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में 52 उज्बेक योग साधकों के एक विशेष योग प्रदर्शन को देखा। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “उज्बेकिस्तान को योग पसंद है!” सत्र में हर उम्र के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें ‘योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान’ के छह वे सदस्य भी शामिल थे जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान में योग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का धन्यवाद किया।
द्विपक्षीय संबंधों में नए युग का सूत्रपात
दोनों शीर्ष नेताओं के बीच हुई यह वार्ता भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक, रक्षा, रणनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
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