
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती वैश्विक संकेतों के अनुसार गिफ्टी निफ्टी करीब 150 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि घरेलू बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गतिविधियों, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विदेशी निवेशकों (FII) की चाल पर टिकी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआती घंटों में वैश्विक दबाव बना रहता है, तो बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालांकि दिनभर के कारोबार में घरेलू खरीदारी और संस्थागत निवेशकों की सक्रियता बाजार की दिशा बदल भी सकती है।
एशियाई बाजारों में भी सोमवार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। सबसे ज्यादा असर दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स पर देखने को मिला, जहां करीब 8% तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा कई अन्य एशियाई बाजारों में भी निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाई। वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर चिंताएं, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी बाजारों में बढ़ती अस्थिरता का असर निवेशकों के विश्वास पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब एशियाई बाजारों में इतनी बड़ी गिरावट आती है, तो उसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई देता है। इसी कारण गिफ्टी निफ्टी में कमजोरी को घरेलू बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए और उतार-चढ़ाव के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। यदि विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली जारी रखते हैं, तो बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी बाजार को कुछ हद तक सहारा दे सकती है। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, महंगाई के आंकड़े, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों को केवल इंडेक्स पर नहीं, बल्कि सेक्टर आधारित गतिविधियों पर भी नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
- indian-stock-market-monday-opening-gifty-nifty-down-kospi-falls








