
इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में भगवान श्री परशुराम जी की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहभागिता की और लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सनातन प्रेमी शामिल हुए, जिससे पूरे शहर में धार्मिक माहौल देखने को मिला।
शोभायात्रा में क्या रहा खास?
भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर निकली शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक परिधान में शामिल लोग आकर्षण का केंद्र बने। इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावत, विधायक गोलू शुक्ला और आरएसएस के वरिष्ठ नेता सत्तन दादा भी मौजूद रहे। शोभायात्रा के दौरान लोगों में उत्साह और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला, जिससे आयोजन और भी खास बन गया।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम के जीवन और सिद्धांतों को आधुनिक भारत के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि परशुराम जी के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और हमें उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने समाज में एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता का संदेश भी देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं। इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम भी सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बना।
इंदौर में भगवान परशुराम जयंती का यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री की मौजूदगी और लोगों की बड़ी भागीदारी ने इसे और खास बना दिया।
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