
इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित रेडिएंट कॉलेज में गरबा आयोजन को लेकर विवाद सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में आयोजित गरबा कार्यक्रम पर आपत्ति जताई। संगठन का आरोप है कि कार्यक्रम के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी और आयोजन में मुस्लिम युवकों के शामिल होने की सूचना मिली थी। विरोध के बाद कार्यक्रम रद्द किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, कार्यक्रम की अनुमति और रद्द होने के वास्तविक कारण को लेकर प्रशासन या कॉलेज प्रबंधन की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
बिना अनुमति आयोजन का आरोप, कॉलेज पहुंचे कार्यकर्ता
जानकारी के मुताबिक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को रेडिएंट कॉलेज में गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सूचना मिली थी। संगठन ने दावा किया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को आयोजन में मुस्लिम युवकों के शामिल होने की जानकारी मिलने की बात भी कही गई।
इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंचे और आयोजन को लेकर विरोध जताया। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन से कार्यक्रम की अनुमति और उसमें शामिल लोगों को लेकर सवाल किए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
विरोध के बीच हनुमान चालीसा का पाठ
गरबा आयोजन का विरोध करने पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। संगठन की ओर से इसे कॉलेज प्रबंधन को सद्बुद्धि देने की अपील के तौर पर बताया गया। मामले को लेकर मौके पर विरोध और बहस की स्थिति भी बनी। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया भी मौके पर पहुंचीं और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं से उनकी बहस हुई। पुलिस के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
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सबसे बड़ा सवाल-कार्यक्रम की अनुमति थी या नहीं?
पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या रेडिएंट कॉलेज में गरबा आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी? बजरंग दल ने अनुमति नहीं होने का आरोप लगाया है, लेकिन अभी तक संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से इस पर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। दूसरा सवाल यह है कि अगर कार्यक्रम की अनुमति थी, तो किन शर्तों के तहत आयोजन किया जा रहा था और उसे रद्द करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया? वहीं अगर अनुमति नहीं थी तो बिना अनुमति आयोजन शुरू होने से पहले प्रशासनिक स्तर पर इसकी निगरानी क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
क्या मुस्लिम युवकों की मौजूदगी ही विवाद की वजह बनी?
बजरंग दल ने दावा किया कि उसे कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों के शामिल होने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर संगठन ने आपत्ति जताई। लेकिन किसी कार्यक्रम में किसी व्यक्ति की मौजूदगी अपने आप में किसी गैरकानूनी गतिविधि का प्रमाण नहीं है। इस मामले में भी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रूप से शामिल युवकों ने कोई नियम तोड़ा था या नहीं।
इसलिए विवाद को केवल आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष तक पहुंचाना उचित नहीं होगा। प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की ओर से तथ्य सामने आना जरूरी है।
कॉलेज प्रबंधन की चुप्पी ने बढ़ाए सवाल
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल कॉलेज प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यही वजह है कि आयोजन की अनुमति, कार्यक्रम में शामिल लोगों और इसे रद्द किए जाने की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
अब देखना होगा कि कॉलेज प्रबंधन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या स्पष्टीकरण देता है और पुलिस या प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई करता है या नहीं।
रेडिएंट कॉलेज का गरबा विवाद फिलहाल आरोप और विरोध के बीच है। बजरंग दल ने अनुमति और आयोजन में मुस्लिम युवकों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं और कार्यक्रम रद्द होने का दावा किया है। लेकिन कार्यक्रम की अनुमति थी या नहीं और वास्तव में आयोजन क्यों रद्द हुआ, इसका आधिकारिक जवाब अभी सामने आना बाकी है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष संबंधित पक्षों और प्रशासन की पुष्टि के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
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