
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस नजदीक आते ही प्रदेश के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर विशेष चर्चा है कि योग दिवस के आयोजन की कमान किस विभाग के हाथों में रहेगी और कार्यक्रम के संचालन में किसकी प्रमुख भूमिका होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बार आयोजन के स्वरूप और व्यवस्थाओं को लेकर कई स्तरों पर मंथन चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, परंपरागत रूप से योग दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में आयुष विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, क्योंकि योग और प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी इसी विभाग के पास होती है। हालांकि इस बार चर्चा यह भी है कि स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी आयोजन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके चलते दोनों विभागों के बीच अधिकार क्षेत्र और समन्वय को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि कार्यक्रम के बजट, व्यवस्थाओं और संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श जारी है। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बड़े स्तर पर होने वाले इस आयोजन में विभिन्न विभाग अपनी भागीदारी और प्रभाव सुनिश्चित करना चाहते हैं। यही कारण है कि कार्यक्रम की तैयारियों के साथ-साथ विभागीय सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
हालांकि सरकार या संबंधित विभागों की ओर से किसी प्रकार के मतभेद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में यह विषय लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट जिम्मेदारी तय होना आवश्यक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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