
तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी ईरान‑इज़राइल युद्ध का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। युद्ध के 39वें दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि देश की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ से अधिक ईरानी अपनी जान देने को तैयार हैं और जरूरत पड़ी तो वे खुद भी इस्लामिक रिपब्लिक की सुरक्षा के लिए बलिदान देने को तैयार हैं।
इसी बीच इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने मंगलवार को ईरान के नागरिकों और यात्रियों के लिए एक तत्काल सुरक्षा सलाह जारी की। इसमें लोगों से कहा गया कि रात 9 बजे (ईरान समय) तक ट्रेन यात्रा और रेलवे लाइनों के पास जाने से बचें, क्योंकि सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है और हवाई हमलों की आशंका हो सकती है।
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पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला
इज़राइली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला किया है, जहां कथित तौर पर नाइट्रिक एसिड बनाया जाता था। यह पदार्थ विस्फोटक और बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है।
इज़राइल के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमता को कमजोर करना है। इस बीच अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बीच प्रस्तावित 45 दिन के युद्धविराम पर भी सहमति नहीं बन पाई। ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे शांति वार्ता फिलहाल ठप हो गई है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और अमेरिका की मांगें नहीं मानीं, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों सहित महत्वपूर्ण ढांचे पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। – टाइम्स ऑफ इजराइल
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