जय विलास पैलेस के बिजली बिल पर जीतू पटवारी के तीखे सवाल, बिजली विभाग की निगरानी पर भी उठी उंगली

ग्वालियर के जय विलास पैलेस के बिजली कनेक्शनों को लेकर सामने आई एक पड़ताल के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। द सूत्र की रिपोर्ट में महल परिसर के कई बिजली कनेक्शनों पर बेहद कम या शून्य बिजली खपत दर्ज होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक परिसर में उषा किरण पैलेस होटल को छोड़कर 21 बिजली कनेक्शन हैं। इनमें कई पुराने मीटर लगे हैं। इसी रिपोर्ट के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े महल के बिजली बिलों को लेकर सरकार और बिजली विभाग पर सवाल खड़े किए हैं।

महल के बिजली कनेक्शनों में क्या सामने आया?

सूत्र की पड़ताल के अनुसार जय विलास पैलेस में अलग-अलग नामों से 21 बिजली कनेक्शन दर्ज हैं। इनमें से कई कनेक्शनों में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच शून्य या बेहद कम बिजली खपत दर्ज होने की बात कही गई है।

रिपोर्ट में एक संग्रहालय से जुड़े कनेक्शन पर पूरे साल शून्य यूनिट खपत और केवल 10 रुपये 29 पैसे का बिल दर्ज होने का दावा किया गया है। वहीं रानी महल से जुड़े कनेक्शन पर दिसंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच करीब 360 यूनिट खपत दर्ज होने की जानकारी दी गई है। महल परिसर के कुछ अन्य कनेक्शनों पर भी एक, दो या पांच यूनिट जैसी बेहद कम खपत दर्ज होने का दावा किया गया है।

जीतू पटवारी ने सरकार से पूछे सीधे सवाल

इसी रिपोर्ट के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ गांवों और गरीब परिवारों को हजारों रुपये तक के बिजली बिल मिल रहे हैं, वहीं सिंधिया के महल से जुड़े कुछ कनेक्शनों पर बेहद कम बिल दिखाई दे रहे हैं।

पटवारी ने सरकार से सवाल किया कि अगर प्रदेश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है तो गांवों में लगातार बिजली कटौती क्यों हो रही है। उन्होंने बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था और उपभोक्ताओं के बिलों की समीक्षा की मांग भी उठाई। हालांकि, महल के बिजली बिलों को लेकर पटवारी के राजनीतिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।

यह भी पढ़े: Navratri 2026, आज मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और शुभ मुहूर्त

सबसे बड़ा सवाल: इतने कम बिल पर जांच क्यों नहीं हुई?

मामला सिर्फ जय विलास पैलेस के बिजली बिलों तक सीमित नहीं है। द सूत्र की दूसरी पड़ताल में बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ग्वालियर में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें विभाग की ओर से प्राथमिकता के आधार पर जिन कनेक्शनों की जांच के लिए जानकारी मिलती है, उन्हीं कनेक्शनों को जांचा जाता है। जय विलास पैलेस के संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें वहां जांच के लिए जाने का अवसर नहीं मिला था और आदेश मिलने पर जांच की जाएगी।

यहीं से बड़ा सवाल उठता है कि अगर किसी बड़े परिसर में लगातार शून्य या बेहद कम बिजली खपत दर्ज हो रही है, तो क्या ऐसे कनेक्शन स्वतः जांच के दायरे में नहीं आने चाहिए?

क्या कम बिजली बिल का मतलब बिजली चोरी है?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। कम या शून्य बिजली खपत अपने आप में बिजली चोरी का प्रमाण नहीं है। किसी बंद हिस्से, कम इस्तेमाल वाले भवन या अलग बिजली व्यवस्था के कारण भी खपत कम हो सकती है। इसलिए जय विलास पैलेस के किसी भी कनेक्शन को बिजली चोरी से जोड़ने से पहले मीटर की जांच, वास्तविक बिजली उपयोग, परिसर में बिजली की व्यवस्था और विभागीय रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उषा किरण पैलेस होटल का अलग उच्च क्षमता वाला कनेक्शन है और रिपोर्ट में उसके बिजली बिल पर कोई दावा नहीं किया गया है।

अब बिजली विभाग से जवाब की उम्मीद

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग जय विलास पैलेस के इन कनेक्शनों की तकनीकी जांच करेगा। अगर मीटर सही हैं और दर्ज खपत वास्तविक है तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं अगर मीटर में गड़बड़ी, गलत रीडिंग या किसी अन्य अनियमितता की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि जय विलास पैलेस में बिजली चोरी हुई है। लेकिन 21 कनेक्शनों में बेहद कम या शून्य खपत के दावे और उन पर समय रहते जांच न होने के सवाल बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर जरूर सवाल खड़े करते हैं।

जय विलास पैलेस के बिजली बिलों का मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जांच का विषय बन गया है। सवाल सिंधिया परिवार से ज्यादा उस व्यवस्था पर है, जो आम उपभोक्ता की कम खपत पर जांच कर सकती है, लेकिन इतने बड़े परिसर में असामान्य बिजली खपत के आंकड़ों पर स्वतः कार्रवाई क्यों नहीं करती। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इन सवालों का क्या जवाब देता है।

  • jai-vilas-palace-electricity-bill-jitu-patwari-questions
Srota Swati Tripathy

Srota Swati Tripathy

Related Posts

PoK में पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप! नागरिकों पर ड्रोन और गोलीबारी, 3 की मौत 18 घायल

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार…

Tata कार मालिक सावधान! सरकारी एजेंसी की हैकिंग वॉर्निंग, तुरंत अपडेट करें ऐप

भारत की सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Tata…

You Missed

Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

चक्रवात अर्नब कमजोर, बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा नया सिस्टम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात अर्नब कमजोर, बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा नया सिस्टम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

हैरी केन ने जीता बैलन डी’ओर 2026, 25 साल बाद इंग्लैंड का कमाल

हैरी केन ने जीता बैलन डी’ओर 2026, 25 साल बाद इंग्लैंड का कमाल