
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हिंसक कार्रवाई के आरोप लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रावलाकोट सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है और पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना नागरिकों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। कुछ रिपोर्टों में नागरिकों के घरों को निशाना बनाए जाने और ड्रोन के जरिए हमले किए जाने की बात कही गई है। PoK में जारी विरोध-प्रदर्शनों के पीछे महंगाई, बिजली की बढ़ती कीमतें, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुख बताए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि उन्हें बेहतर सुविधाएं और राजनीतिक अधिकार दिए जाएं। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।
क्षेत्र में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ विरोध बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। नागरिकों के घरों पर कथित ड्रोन हमलों और गोलीबारी के आरोपों ने मानवाधिकारों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, मौतों और घायलों की संख्या तथा हमलों की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। PoK में जारी यह घटनाक्रम पाकिस्तान के लिए एक बड़ी राजनीतिक और सुरक्षा चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।








