
नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक संपन्न हुई है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री सीनेटर पेनी वोंग ने नई दिल्ली में आयोजित ’17वीं विदेश मंत्रियों की फ्रेमवर्क वार्ता’ 17th Foreign Ministers’ Framework Dialogue की सह-अध्यक्षता की।
सोमवार शाम को हुई इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ हो रहे ‘व्यापक रणनीतिक गठबंधन’ की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस वार्ता ने दोनों देशों के आपसी विश्वास को दर्शाने के साथ-साथ यह भी साफ कर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी कितनी अपरिहार्य हो चुकी है।
इस महत्वपूर्ण संवाद के दौरान दोनों नेताओं के बीच आर्थिक और ऊर्जा से जुड़े सहयोग पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित किया गया। वार्ता में पारंपरिक व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाते हुए नवीकरणीय ऊर्जाॉऔर परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त निवेश और सहयोग को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को एक नए पायदान पर ले जाने पर सहमति बनी, जिसके तहत हिंद महासागर और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त युद्धाभ्यासों को और अधिक बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, खेल और आधुनिक उद्योगों के लिए रीढ़ माने जाने वाले ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (Critical Minerals) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में मिलकर काम करने का रोडमैप तैयार किया गया। द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ इस फ्रेमवर्क वार्ता में जटिल क्षेत्रीय और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे मौजूदा तनाव और संघर्ष की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वहां शांति बहाली के उपायों पर चर्चा की।
इसके साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। इस बैठक के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ हुई यह सकारात्मक और उत्पादक बातचीत भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझा हितों की गहराई और दोनों देशों के अटूट संबंधों की व्यापकता को पूरी ताकत के साथ प्रदर्शित करती है।
ये भी पढ़े – डोवाल-रुबियो बैठक: भारत-अमेरिका के बीच रक्षा, आतंकवाद विरोध और ‘TRUST’ पहल पर हुई रणनीतिक साझेदारी
- jaishankar-co-chairs-17th-india-australia-foreign-ministers-framework-dialogue-penny-wong










