
नई दिल्ली: वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच भारत और जापान के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई मजबूती मिली है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की।
इस उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने ‘भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ की मौजूदा प्रगति की गहन समीक्षा की। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इस बात को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया कि वैश्विक मंच और विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थायी शांति, आर्थिक स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली और टोक्यो का आपसी तालमेल कितना महत्वपूर्ण है। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों विदेश मंत्रियों ने डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास और अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में जारी द्विपक्षीय पहलों को और अधिक विस्तार देने पर सहमति जताई।
वार्ता में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) जैसी भारत में चल रही जापान-सहायता प्राप्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई और इन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक सुगम बनाने तथा वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई, ताकि किसी भी वैश्विक संकट के समय दोनों देशों के व्यापार पर विपरीत असर न पड़े।
द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ इस बैठक का एक बड़ा हिस्सा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और साझा चुनौतियों पर केंद्रित रहा। दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिसे परोक्ष रूप से इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य और आर्थिक प्रभाव के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, बैठक में क्वाड (Quad) गठबंधन के तहत सहयोग को मजबूत करने और पश्चिम एशिया समेत अन्य वैश्विक मंचों पर बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर भी व्यापक सहमति बनी। बैठक की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का यह दौरा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को और गहरा करता है तथा वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत और जापान की रणनीतिक साझेदारी की अपरिहार्य भूमिका को पूरी स्पष्टता के साथ प्रदर्शित करता है।
- jaishankar-meets-japanese-foreign-minister-toshimitsu-motegi-indo-pacific-strategic-partnership










