
शिवपुरी।कुलदीप शर्मा| जिले के कोलारस एसडीएम कार्यालय परिसर में मंगलवार को एक पटवारी द्वारा कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया। रन्नौद तहसील में पदस्थ पटवारी प्रदीप गुप्ता को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोलारस में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना को लेकर पटवारी और प्रशासन के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
पटवारी का दावा- 8 से 9 महीने से वेतन नहीं मिला
अस्पताल में उपचार के दौरान पटवारी प्रदीप गुप्ता ने आरोप लगाया कि एक नामांतरण प्रकरण में हुई गलती उन्होंने स्वीकार कर ली थी और परिवार के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर क्षमा भी मांगी थी। इसके बावजूद पिछले 8 से 9 महीनों से उनका वेतन जारी नहीं किया गया। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
एसडीएम बोले- नामांतरण में अनियमितताओं की जांच जारी
कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि संबंधित पटवारी द्वारा कुछ नामांतरण नियमों के विपरीत किए गए हैं, जिनकी विभागीय जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित कर्मचारी जांच और संभावित विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए इस तरह का कदम उठा रहा है।
वेतन रोकने के आरोपों पर प्रशासन का पक्ष
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि पटवारी का वेतन एसडीएम कार्यालय से नहीं बल्कि तहसील कार्यालय से जारी होता है। उनके अनुसार, संबंधित पटवारी कई महीनों से तहसील कार्यालय नहीं पहुंचे हैं, जिसके कारण वेतन जारी नहीं हो पाया हो सकता है।
पुलिस और प्रशासन कर रहे हैं जांच
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में भर्ती पटवारी का उपचार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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