
मैहर जिले के त्रिकूट पर्वत स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शारदा देवी मंदिर के समग्र विकास के लिए प्रस्तावित ‘मां शारदा लोक’ परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में बीएस जामोद और गौरव राजपूत ने मैहर पहुंचकर जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन समिति के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में कंसल्टेंसी एजेंसी ‘धरोहर’ की संचालक संगीता सिंह ने मां शारदा लोक के मास्टर प्लान और ले-आउट का प्रेजेंटेशन दिया। इसके बाद अधिकारियों ने मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में प्रस्तावित निर्माण स्थलों का निरीक्षण भी किया।
प्रस्ताव के अनुसार घंटाघर चौक से मंदिर, आल्हा ताल, आल्हा अखाड़ा और मेला परिसर को तीन जोन में बांटकर यात्री सुविधाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना में मुण्डन संस्कार भवन, यज्ञ वेदी, यज्ञशाला, सांस्कृतिक जोन, परिक्रमा पथ पर शेल्टर और भजन संध्या स्थल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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कमिश्नर बीएस जामोद ने निर्देश दिए कि त्रिकूट पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को बनाए रखते हुए विकास कार्य किए जाएं और अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने 15 मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने के प्रयास करने को कहा।
आईजी गौरव राजपूत ने कहा कि मां शारदा लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, इसलिए भविष्य में प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालुओं के हिसाब से व्यवस्थाओं की योजना बनाई जाए।
इस मौके पर कलेक्टर रानी बाटड ने बताया कि पुलघाटा क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी और रोपवे की क्षमता बढ़ाने के साथ बंधा बैरियर के पास सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए ऑडिटोरियम बनाने का भी प्रस्ताव है।
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