मैहर में आवारा पशुओं का मुद्दा गरमाया, नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मैहर/ देवेश शर्मा: मैहर में गौवंशों को बचाने के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना के साथ अब नगरपालिका की जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर में जगह जगह आवारा पशुओं के जमावड़े और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

पुलिस के प्रयासों की हो रही सराहना

मैहर पुलिस द्वारा गौवंशों के संरक्षण और उन्हें सुरक्षित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की लोग प्रशंसा कर रहे हैं। हालांकि, इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि आवारा पशुओं के रखरखाव और उन्हें व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

सड़कों और गलियों में आवारा पशुओं का जमावड़ा

शहर के विभिन्न चौराहों, मुख्य मार्गों, गलियों और मोहल्लों में आवारा पशुओं के जमावड़े की समस्या बताई जा रही है। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार पशुओं के सड़क पर आने से दुर्घटनाओं की स्थिति भी बनती है।

स्थानीय स्तर पर सवाल उठाया जा रहा है कि नगरपालिका के पास पशुओं को पकड़ने, उनके रखरखाव और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई दे रही है।

अध्यक्ष और पार्षदों की भूमिका पर भी सवाल

इस मुद्दे को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष, सीएमओ, अधिकारियों कर्मचारियों और वार्ड पार्षदों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि जब शहर की सड़कों पर लगातार आवारा पशु दिखाई दे रहे हैं तो जनप्रतिनिधियों की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को जनहित से जुड़े ऐसे मुद्दों पर खुलकर सामने आना चाहिए, ताकि जनता के बीच जवाबदेही तय हो सके।

फुटपाथ और सब्जी बाजार की व्यवस्था का भी मुद्दा

शहर में फुटपाथ पर अतिक्रमण और ओवरब्रिज के आसपास लगने वाले सब्जी बाजार की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। नागरिकों का कहना है कि पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ सुरक्षित और बाधामुक्त होना चाहिए। इसके साथ ही आवारा गौवंशों के संरक्षण के लिए भी नगरपालिका को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।

नगरपालिका से स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय स्तर पर उठ रही मांग है कि नगरपालिका आवारा पशुओं को पकड़ने और उनके व्यवस्थित संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए। साथ ही शहर में यातायात और फुटपाथ से जुड़ी समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाए।

फिलहाल पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना के बीच नगरपालिका की भूमिका को लेकर उठे सवाल चर्चा में हैं। अब देखना होगा कि नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

 
 
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Manisha Gupta

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