
भोपाल। मध्य प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा और जननी सुरक्षा योजना से जुड़ी एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस संचालन से जुड़े मामले में कथित वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि लोकायुक्त की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
108 एंबुलेंस सेवा को लेकर कांग्रेस का आरोप
मुकेश नायक ने कहा कि 108 एंबुलेंस और जननी सुरक्षा योजना जैसी सेवाएं सीधे आम लोगों, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद मरीजों से जुड़ी हैं। ऐसे में इनके संचालन में किसी भी तरह की अनियमितता का आरोप गंभीर है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकारी व्यवस्था से जुड़े किसी मामले में जांच एजेंसी स्तर पर कार्रवाई हुई है, तो संबंधित विभाग को भी पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
नायक ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस सेवा से जुड़े मामले में शिकायत और जांच के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की भूमिका स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, तो विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई की गई है।
लोकायुक्त की कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता के मुताबिक, लोकायुक्त द्वारा जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लिया है, तो संबंधित विभाग इस पर चुप क्यों है।
मुकेश नायक ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आई है और उनके खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, क्योंकि इन सेवाओं का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
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स्वास्थ्य विभाग से मांगा जवाब
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि अनियमितताओं के आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोपों में तथ्य नहीं हैं, तो सरकार को जांच की स्थिति और वास्तविक तथ्यों को सामने रखना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि एंबुलेंस सेवा जैसी जरूरी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता का असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ सकता है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सरकार से कार्रवाई और स्थिति स्पष्ट करने की मांग
108 एंबुलेंस सेवा को लेकर उठे इन सवालों के बीच अब स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है। फिलहाल कांग्रेस ने आरोपों के आधार पर सरकार से जवाब मांगते हुए संबंधित मामले में कार्रवाई की मांग की है। मामले में वास्तविक स्थिति लोकायुक्त की जांच, दर्ज प्राथमिकी और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों या संबंधित पक्षों पर नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।
मध्य प्रदेश की 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और जांच के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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