
भोपाल: मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अपने सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से पुरजोर अपील की है कि वे बिजली बिलों के फर्जी मैसेजेस और कॉल्स के जरिए होने वाली साइबर ठगी से पूरी तरह सावधान रहें। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने बिजली बिलों का नकद भुगतान केवल कंपनी के अधिकृत जोन, वितरण केंद्र कार्यालय, पीओएस मशीन या फिर एम.पी. ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर जैसे प्रमाणित केंद्रों पर ही जाकर करें।
इसके अलावा जो उपभोक्ता कैशलेस या डिजिटल माध्यम से भुगतान करना चाहते हैं, वे कंपनी के आधिकारिक पोर्टल portal.mpcz.in पर उपलब्ध नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड और वॉलेट का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही फोन पे, अमेजन पे, गूगल पे, पेटीएम, व्हाट्सएप पे और कंपनी के आधिकारिक ‘उपाय’ UPAY मोबाइल ऐप के जरिए भी सुरक्षित रूप से बिल का भुगतान किया जा सकता है।
कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि उपभोक्ताओं को बिजली कटने का डर दिखाकर किसी भी निजी मोबाइल नंबर से कोई एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज नहीं भेजा जाता है। कंपनी द्वारा भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक एसएमएस केवल ‘CCMPCZ’ सेंडर आईडी से और व्हाट्सएप मैसेज सिर्फ ‘07552551222’ नंबर से ही आते हैं, इसलिए किसी भी अन्य निजी नंबर से आने वाले भ्रामक संदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज करें। इसके अलावा, बिजली बिलों के भुगतान के लिए हमेशा आपकी विशिष्ट उपभोक्ता पहचान यानी आईवीआरएस नंबर की ही आवश्यकता होती है और इसी नंबर के आधार पर सभी गेटवे पर भुगतान स्वीकार किया जाता है। कंपनी ने कड़े शब्दों में आगाह किया है कि उपभोक्ता किसी भी अनजान फोन कॉल या व्हाट्सएप संदेश के बहकावे में आकर किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर पैसे ट्रांसफर न करें और न ही कभी अपना गोपनीय पिन नंबर किसी के साथ साझा करें।
दरअसल, कंपनी के संज्ञान में यह बात आई है कि साइबर अपराधी उपभोक्ताओं को डराने के लिए एसएमएस या आईवीआरएस कॉल का सहारा ले रहे हैं, जिसमें यह धमकी दी जाती है कि बिल जमा न होने के कारण कुछ ही घंटों में उनकी बिजली काट दी जाएगी और फिर उनसे किसी अनजान लिंक या ऐप पर क्लिक करने अथवा दिए गए विशेष नंबर को दबाने के लिए कहा जाता है। कंपनी ने साफ किया है कि इस तरह के सभी दावे और कॉल्स पूरी तरह फर्जी हैं और इन पर बिल्कुल भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जनता से सजग रहने की अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई भी उपभोक्ता इस प्रकार के साइबर फ्रॉड का शिकार होता है या उसे ऐसा कोई संदिग्ध संदेश मिलता है, तो वह इसकी सूचना तत्काल भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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