एमपी में ‘सुशासन’ का ढोंग और जनसंपर्क-माध्यम का ‘वसूली गैंग’: क्या सीएम और सीएस को नहीं दिख रहा भ्रष्टाचार का यह नंगा नाच?

विज्ञापनों की चमक में सरकारी खजाने की लूट; मलाईदार कुर्सियों पर अधिकारीनहीं, बैठे हैं कलेक्शन एजेंट‘! आइडिया नहीं, अब सिर्फ नोटों की बोरीका चलता है टेंडर।

विशेष संवाददाता, भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पांचवीं मंजिल, जहाँ से पूरे प्रदेश की दिशा तय होती है, आज वहीं से एक ऐसी गंध आ रही है जो सुशासन के दावों को भीतर से सड़ा रही है। जनसंपर्क विभाग और माध्यम‘ (Madhyam) के गलियारे आज जनसेवा के केंद्र नहीं, बल्कि खुलेआम वसूली के अड्डेबन चुके हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि मध्य प्रदेश में अब सरकारें नहीं, ‘परसेंटेज का सिंडिकेटराज कर रहा है।

पांचवीं मंजिल पर बोरीकी बोली?

सच्चाई यह है कि बल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल के बाहर उन युवाओं और उद्यमियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिनके पास प्रदेश को आगे ले जाने वाले नवाचारी विचार (Innovative Ideas) हैं। लेकिन, उन्हें अंदर जाने का रास्ता नहीं मिलता। क्यों? क्योंकि वे कमीशनकी बोरी लेकर नहीं आते।

दूसरी ओर, जो वसूली एजेंटबने बैठे अधिकारी हैं, उनके केबिनों में उन बिजनेसमेनका स्वागत फूलों से होता है, जिनके पास न कोई विजन है, न कोई नया आईडिया, बस माल ढोने की क्षमता है। ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं के विज्ञापन और बड़ेबड़े इवेंट्स के ठेके थाली में परोसकर दिए जाते हैं। क्या यही है मोहन यादव सरकार का जीरो टॉलरेंस‘?

अधिकारी या कलेक्शन एजेंट?

जनसंपर्क और माध्यम में उन्हीं को पोस्ट किया जाता है जो कलेक्शनकी मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हों। बिल पास करने की फाइलें तब तक नहीं हिलतीं, जब तक उसमें सुविधा शुल्कका इंजन न लगा हो।

·       वसूली तंत्र: एडवर्टाइजमेंट हो या इवेंट, कमीशन का एक फिक्स्ड रेट कार्ड बना हुआ है।

·       आइडिया की मौत: राज्य के भले के लिए लाए गए इनोवेटिव आइडियाज कूड़ेदान में डाल दिए जाते हैं, क्योंकि वे अधिकारी की जेब भरने में सक्षम नहीं हैं।

 

सवाल सरकार की मौनसहमति पर

मध्य प्रदेश के सबसे ईमानदारअधिकारी माने जाने वाले मुख्य सचिव अनुराग जैन साहब, क्या आपकी नज़रों से यह भ्रष्टाचार ओझल है? या फिर सिस्टमका हिस्सा बन चुके इन भ्रष्ट अफसरों को आपका संरक्षण प्राप्त है?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंचों से भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंसकी बड़ीबड़ी बातें करते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि उनके ही नाक के नीचे वसूली का यह महायज्ञजारी है। अगर आप वास्तव में प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो इस कलेक्शन सिंडिकेटकी सर्जरी क्यों नहीं कर रहे? जनता जानना चाहती है:

1.     पांचवीं मंजिल पर बैठे उन अधिकारियों को खुली छूट किसने दी है?

2.     क्या सरकार का खजाना केवल उन चहेतों को भरने के लिए है जो आप तक पहुंचासकते हैं?

3.     आखिर कब तक टैलेंट को दरकिनार कर नोटों की बोरीको प्राथमिकता दी जाएगी?

यह भ्रष्टाचार सरकार की रगों में दीमक की तरह दौड़ रहा है। अगर समय रहते इन कलेक्शन एजेंटोंका पर्दाफाश नहीं किया गया और भ्रष्ट अधिकारियों की कुर्सियां नहीं पलटी गईं, तो याद रखिए, आज जिस जनता के पैसे की आप लूट करवा रहे हैं, कल वही जनता हिसाब मांगने के लिए सड़क पर भी उतरेगी।

यह कोई इल्जाम नहीं, यह उस व्यवस्था का आईना है जो अब टूट चुकी है। मुख्यमंत्री जी, या तो अपनी टीम बदलिए या फिर मान लीजिए कि सुशासनसिर्फ एक चुनावी जुमला था।

 

  • gaurav singh rajput

    gaurav singh rajput

    Related Posts

    सत्ता की चकाचौंध में हाशिए पर ‘ईमानदारी’, धीरज पटेरिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनदेखी पर शाह-मोदी की बीजेपी का ‘मौन’ क्यों?

    राजनीति में निष्ठा, समर्पण और संगठन के प्रति जीवन…

    आगे पढ़ें
    अंधेर नगरी, चौपट राजा: वल्लभ भवन से ‘मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान’ में करोड़ों का महाघोटाला; डॉ. अरविंद यादव और भ्रष्ट तंत्र ने इंसानियत को किया तार-तार!

    कैंसर और गंभीर मरीजों के हक के पैसे पर…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    पाकिस्तानी बहू से भारत की जासूस बनने तक की कहानी, कैसे बचा INS विक्रांत? जानिए पूरी दास्तान

    पाकिस्तानी बहू से भारत की जासूस बनने तक की कहानी, कैसे बचा INS विक्रांत? जानिए पूरी दास्तान

    ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, 5 सेना और 1 वायुसेना के जवान शामिल

    ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, 5 सेना और 1 वायुसेना के जवान शामिल

    टेलर स्विफ्ट करेंगी ट्रैविस केल्से से शादी? मैडिसन स्क्वायर गार्डन के आसपास सड़कें बंद करने की मांगी गई अनुमति

    टेलर स्विफ्ट करेंगी ट्रैविस केल्से से शादी? मैडिसन स्क्वायर गार्डन के आसपास सड़कें बंद करने की मांगी गई अनुमति

    भारत में महंगे हुए iPad और MacBook, AI बूम के चलते Apple ने बढ़ाईं ₹70,000 तक कीमतें

    भारत में महंगे हुए iPad और MacBook, AI बूम के चलते Apple ने बढ़ाईं ₹70,000 तक कीमतें

    चीन में 7 लाख डिलीवरी वर्कर्स की जगह लेंगे रोबोट, JD.com संस्थापक का बड़ा दावा

    चीन में 7 लाख डिलीवरी वर्कर्स की जगह लेंगे रोबोट, JD.com संस्थापक का बड़ा दावा