
भोपाल/आदित्य शंकर तिवारी: मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे कथित शोषण और प्रताड़ना के मामलों को लेकर राजनीती गर्मा गई है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने भाजपा के आलोट विधायक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात कर आलोट विधायक पर गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही उन पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी का कहना है कि विधायक के रसूख के आगे पीड़ित महिलाओं की सुनवाई नहीं हो रही है और प्रशासन मौन बना हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी के अनुसार उनके पास कई ऐसी महिलाओं की शिकायत पहुंची हैं जो लंबे समय से न्याय के लिए कोर्ट और थाने के बाहर भटक रही हैं। इनमें उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय की एक पूर्व प्रोफेसर का मामला सामने आया है, जिन्होंने आलोट विधायक पर चरित्र हनन और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि विधायक की प्रताड़ना से तंग आकर महिला प्रोफेसर को अपने पद से त्यागपत्र तक देना पड़ा। पीड़िता पिछले 10 साल से न्याय की गुहार लगा रही है, लेकिन रसूख और सत्ता के दबाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
70 वर्षीय महिला की संपत्ति कब्ज़ाने का आरोप
यह मामला सिर्फ यौन शोषण या मानसिक प्रताड़ना तक सीमित नहीं है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का पक्ष रखते हुए विधायक पर उनकी संपत्ति कब्जाने का आरोप भी लगाया है। आरोप है कि विधायक ने करीब 25-30 लोगों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की दुकान के शटर तोड़ दिए और उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया।
यह पीड़ित महिला पिछले 5 सालों से शिकायतें कर रही है, लेकिन विधायक द्वारा रसूख और सत्ता का डर दिखाने के कारण मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। रीना बोरासी ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि जब भी महिलाओं की गरिमा के खिलाफ घटनाएं होती हैं, तो कहीं न कहीं उसका संबंध भाजपा से जुड़ जाता है।
राज्यपाल ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
रीना बोरासी ने राज्यपाल से मुलाकात के दौरान प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में महिला आरक्षण का लाभ आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव से ही मिलना चाहिए, ताकि सदन में महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
राज्यपाल ने महिलाओं की इन गंभीर शिकायतों को सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि इन गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन विधायक के खिलाफ क्या कदम उठाता है।
विधायक का विवादों से पुराना नाता
रतलाम के आलोट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय पिछले कुछ समय से अपनी ही सरकार और प्रशासन के लिए मुसीबत बने गए है। हाल ही में उन्होंने विधानसभा में सिंहस्थ लैंड पुलिंग योजना के मुद्दे पर सीधे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को घेरते हुए तीखे सवाल किए, जिससे भाजपा की प्रदेश सरकार असहज स्थिति में आ गई थी।
उन्होंने प्रशासन के खिलाफ तीखे तेवर दिखाते हुए रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया था। अब महिला कांग्रेस के यौन शोषण या मानसिक प्रताड़ना के विवादों के बीच विधायक पर व्यक्तिगत और आपराधिक प्रताड़ना के आरोप लगाकर घेराबंदी तेज कर दी है।
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