पटवारियों की कलम थमी: अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, राजस्व बस्ते जमा कर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

पलेरा/ दित्यपाल राजपूत: मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। पलेरा तहसील में भी पटवारियों ने राजस्व बस्ते तहसील कार्यालय में जमा कर कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया। संघ का कहना है कि वर्षों से कैडर रिव्यू, पदोन्नति, वेतन विसंगति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, जिसके चलते अब आर पार की लड़ाई का फैसला लिया गया है।

विस्तार: 

मध्यप्रदेश पटवारी संघ पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहा था। पहले सामूहिक अवकाश लिया गया, इसके बाद काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किए गए और ऑनलाइन सेवाओं का बहिष्कार भी किया गया। बावजूद इसके शासन स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से सोमवार 3 अगस्त से प्रदेश के सभी पटवारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए।

इसी कड़ी में पलेरा तहसील के पटवारियों ने अपना राजस्व बस्ता तहसील कार्यालय में जमा कर आंदोलन को और तेज कर दिया।

इन मांगों पर अड़ा है पटवारी संघ

पटवारी संघ का कहना है कि कई वर्षों से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। संघ कैडर रिव्यू लागू करने, विभागीय पदोन्नति परीक्षा आयोजित कराने, पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में लाकर फील्ड में सुरक्षा उपलब्ध कराने, विभिन्न शासकीय योजनाओं के लंबित मानदेयों का भुगतान करने तथा स्थानांतरण नीति के तहत संघ पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध किए गए तबादलों को निरस्त करने की मांग कर रहा है।

‘काम बढ़ा, सुविधाएं नहीं’

पलेरा तहसील पटवारी संघ अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने कहा कि पटवारी राजस्व विभाग का सबसे महत्वपूर्ण मैदानी अमला है और शासन की अधिकांश योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी अहम भूमिका रहती है। इसके बावजूद वर्षों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 के बाद वेतन संबंधी कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ, जबकि पटवारियों के कार्यों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे वेतन विसंगति लगातार बढ़ती जा रही है और कर्मचारियों में असंतोष भी गहराता जा रहा है।

किसानों से मांगा सहयोग, सरकार से समाधान की अपील

संघ अध्यक्ष ने कहा कि हड़ताल के कारण किसानों और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा पर उन्हें खेद है, लेकिन अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है। उन्होंने शासन से पटवारी संवर्ग की मांगों पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाकर शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। साथ ही किसानों और आमजन से इस आंदोलन में सहयोग और समर्थन देने का आग्रह भी किया।

ये रहे मौजूद

आंदोलन के दौरान राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, अजीत जैन, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील के सभी पटवारी मौजूद रहे।

 
 
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Manisha Gupta

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