
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और गौरवशाली इतिहास को समर्पित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का भव्य लोकार्पण किया गया। लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित इस विशेष परियोजना का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र सुरक्षा, सेना के सम्मान और देशभक्ति को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र “अहिंसा परमो धर्मः” है, लेकिन यदि कोई देश, समाज और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बनता है तो उसकी रक्षा के लिए आवश्यक कठोर कदम उठाना भी धर्म का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इसी भावना के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होगा तभी दुनिया भी भारत के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि कमजोर राष्ट्रों को कोई महत्व नहीं देता, जबकि मजबूत राष्ट्र वैश्विक मंच पर सम्मान प्राप्त करते हैं। उन्होंने युवाओं को बड़ी सोच रखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि ऊंचे लक्ष्य प्राप्त करने के लिए व्यापक दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय नौसेना के आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि आकाश की ऊंचाइयों को छूने के लिए सोच भी उतनी ही विशाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक संग्रहालय नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी, जहां युवा भारतीय सेना और नौसेना के त्याग, संघर्ष और वीरता को करीब से जान सकेंगे।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। चाहे हिमालय की बर्फीली चोटियां हों, रेगिस्तान की तपती रेत हो या समुद्र की चुनौतीपूर्ण लहरें, भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में देश की रक्षा करते हैं। उन्हीं के कारण 140 करोड़ भारतीय सुरक्षित और निश्चिंत होकर जीवन जी पाते हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण ही विकास की आधारशिला है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अपराध और अराजकता का माहौल था, जिससे निवेश और विकास प्रभावित होते थे। लेकिन मजबूत कानून व्यवस्था के कारण आज प्रदेश विकास और निवेश के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ को देशभक्ति और सैन्य गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि एक ओर राष्ट्र प्रेरणा स्थल है तो दूसरी ओर नौसेना शौर्य वाटिका युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास और उपलब्धियों से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय सेना के सेवानिवृत्त और निष्प्रयोज्य टैंकों को प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत हो।
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना का गौरवशाली युद्धपोत INS Gomati लंबे समय तक देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करता रहा। वर्ष 2022 में सेवा से मुक्त होने के बाद उसके हिस्सों को संरक्षित कर गोमती नदी तट पर विकसित नौसेना शौर्य वाटिका में प्रदर्शित किया गया है, जिससे आम नागरिक नौसेना की विरासत को करीब से देख और समझ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी तथा उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में इस परियोजना को पूरा कर प्रदेश को एक अनूठी सौगात दी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि नौसेना शौर्य वाटिका आने वाले समय में प्रदेश का प्रमुख पर्यटन, शैक्षणिक और प्रेरणादायी केंद्र बनेगी, जहां हजारों युवा राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की नई प्रेरणा प्राप्त करेंगे।
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