
नई दिल्ली/आदित्य शंकर तिवारी: आधार कार्ड को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है, जो आम लोगों के लिए जानना जरूरी है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि का प्रमाण नहीं माना जाएगा। UIDAI द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, आधार कार्ड केवल पहचान और पते का प्रमाण है, लेकिन इसमें दर्ज जन्मतिथि को आधिकारिक तौर पर प्रमाणित नहीं माना जाएगा। भले ही कार्ड पर जन्मतिथि दर्ज हो, यह जानकारी उपयोगकर्ता द्वारा दी गई होती है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जाती।
प्राधिकरण ने बताया कि आधार का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करना है। इसके लिए बायोमेट्रिक और अन्य विवरणों के माध्यम से प्रमाणीकरण किया जाता है। इस प्रक्रिया में केवल यह सत्यापित होता है कि आधार प्रस्तुत करने वाला व्यक्ति वही है, जिसने आधार बनवाया था। UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार में दर्ज जन्मतिथि नॉमिनेशन या अपडेट के दौरान उपयोगकर्ता द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित होती है, इसलिए इसे आधिकारिक जन्म प्रमाण नहीं माना जा सकता।
हालांकि, आधार कार्ड के सभी रूप जैसे भौतिक कार्ड, ई-आधार, मास्क्ड आधार और क्यूआर कोड अब भी पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे। इसके अलावा, विभिन्न एजेंसियां और विभाग अपने नियमों के अनुसार यह तय कर सकते हैं कि वे जन्मतिथि या उम्र से जुड़े मामलों में आधार को स्वीकार करेंगे या नहीं। सरकारी योजनाओं और सेवाओं में आधार का उपयोग संबंधित विभागों के विवेक पर निर्भर रहेगा।
इस अपडेट के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जन्मतिथि के प्रमाण के लिए नागरिकों को अन्य वैध दस्तावेजों जैसे जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षणिक प्रमाण पत्र का सहारा लेना होगा।
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