
देश में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर केंद्र सरकार अब और सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं को लेकर छात्रों के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच सरकार पेपर लीक कानून में बदलाव कर सजा और जुर्माने के प्रावधानों को और कड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित प्रावधानों के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों को 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
पेपर लीक करने वाले गिरोहों पर कसेगा शिकंजा
सरकार का फोकस सिर्फ पेपर लीक करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगठित तरीके से परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक के जरिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी मामलों की सुनवाई
पेपर लीक से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से अपराधियों में कानून का डर कम होता है। ऐसे में मामलों की तेज सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया सख्त कार्रवाई का संकेत
यह भी पढ़े: भोपाल में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो पर बढ़ी सियासी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि पेपर लीक कोई सामान्य मामला नहीं है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की ओर से प्रस्तावित कड़े प्रावधानों को छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
- paper-leak-new-law-10-years-jail-1-crore-fine-modi-government








