
दिल्ली/ ब्रांडवाणी समाचार: राज्यसभा संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन हरिवंश नारायण सिंह को तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें इस गौरवशाली उपलब्धि पर बधाई दी।
इसके बाद परिसीमन बिल पर चर्चा होने शुरू हुई, इस बिल पर पक्ष और विपक्ष में जोरदार हंगामा देखने को मिला जिसमें महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर सरकार और विपक्ष ने चर्चा की। सरकार ने जहां एक ओर अपने तर्क से इस बिल को बेहद जरूरी बताया तो वहीं विपक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा भरोसेमंद नहीं है।
राजयसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए बिल का विरोध किया। राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “हम इस बिल को पारित नहीं होने देंगे।” उन्होंने इस बिल को महिला सशक्तिकरण के बजाय ‘चुनावी नक्शा बदलने की साजिश’ करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के लिए संविधान से ऊपर ‘मनुवाद’ है और सरकार अपनी ताकत घटने से डर रही है। राहुल गाँधी ने दावा किया कि यह बिल SC-ST और OBC के अधिकारों को छीनने का एजेंडा है और यह पूरी तरह ‘राष्ट्रविरोधी’ है।
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के लिए “मैजिशियन ऑफ बालाकोट” और “मैजिशियन ऑफ ऑपरेशन्स” जैसे शब्दों के प्रयोग पर सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसे सत्ता पक्ष ने जनता का अपमान बताया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के “मैजिशियन” वाले बयान की निंदा की और कहा कि यह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की जनता का अपमान है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी से माफी मांगने की बात कही।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा OBC आरक्षण का विरोध किया है और विपक्ष के नेता राहुल गाँधी की भाषा गरिमापूर्ण नहीं है।
सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती हैं, सरकार को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने परिसीमन का विरोध करते हुए कहा की 2011 की जनगणना को आधार बनाकर दक्षिण भारत के राज्यों का हक छीनने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस सफल नहीं होने देगी।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मंदिर के शुद्धिकरण की घटना का जिक्र करते हुए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कहा कि मंदिर धुलवाने वाला अपराधी है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यदि मैंने गलत किया हो तो मैं कान पकड़कर माफी मांगने को तैयार हूँ।”
केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “जो आप नहीं कर पाए, वो हमारी सरकार ने किया।” उन्होंने दलों से अपील की कि वे चुनाव में OBC महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी न करें।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने धार्मिक प्रतीकों पर तंज कसते हुए कहा कि वे दुर्गा-काली के भक्त हैं और बिना ‘सिया’ (सीता) के राम की कल्पना अधूरी है। उन्होंने मजाकिया लहजे में स्पीकर की कुर्सी पर भी आरक्षण की मांग की।
JDU नेता ललन सिंह ने प्रधानमंत्री की मंशा का समर्थन करते हुए कहा कि 2029 में जब सदन में 33% महिलाएं होंगी, तो वह दृश्य ऐतिहासिक होगा।
विपक्ष महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन वे इसे ‘परिसीमन’ से अलग करने की मांग कर रहे हैं। दक्षिण और उत्तर भारत के बीच प्रतिनिधित्व का असंतुलन और OBC/SC/ST वर्गों की भागीदारी बना मुख्य विपक्ष की बड़ी चिंता। आज वोटिंग से पहले स्पीकर ओम बिरला ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ समन्वय बैठक कर राजयसभा की कार्यवाही को जारी रखा।
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